फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   mulayam singh yadav in prabuddha sammelan

मुलायम बोले, राजनीति सबसे बड़ा 'चस्का'

Sat, 22 Feb 2014 09:52 PM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 22 Feb 2014 09:52 PM IST
विज्ञापन
mulayam singh yadav in prabuddha sammelan

सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने शनिवार को प्रबुद्ध वर्ग से दिल्ली की सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सहयोग मांगा।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि प्रबुद्ध समाज ने हमेशा देश को दिशा दी है, संस्कृति और सभ्यता को बचाया है।

जिस तरह से परशुराम ने अन्याय के खिलाफ फर्शा उठाया था उसी तरह प्रबुद्ध वर्ग को भी अन्याय के खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा। परशुराम को भूले तो प्रबुद्ध समाज कमजोर हो जाएगा।

मुलायम सिंह यादव शनिवार को गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में समाजवादी प्रबुद्ध सभी के प्रबुद्ध सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

अन्याय के खिलाफ खड़ा हो प्रबुद्ध वर्ग

mulayam singh yadav in prabuddha sammelan

वोट के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार मुलायम ने समारोह में मौजूद लोगों से कहा, आप लोग उच्च वर्ग के कहलाते हैं, लेकिन आपने किसी का हक नहीं छीना है। आपके पुरखे अन्याय के खिलाफ लड़ते रहे हैं। पशुराम ने तो जरूरत पड़ने पर हथियार भी उठाए। प्रबुद्ध समाज को अन्याय के खिलाफ खड़ा होना होगा।

उन्होंने कहा, जो कौम अपने पुरखों को भूल जाती है, वह खत्म हो जाती है। प्रबुद्ध समाज परशुराम को भूला तो कमजोर हो जाएगा।

इसी समाज से वेदव्यास, तुलसीदास हुए। असली समाजवादी यही वर्ग रहा है। प्रबुद्ध वर्ग को देश की चुनौतियों को स्वीकार करना होगा। लोगों को समझाना पड़ेगा। आप एमपी, एमएल नहीं है लेकिन आपकी बात सुनी जाती है, हम राजनीतिज्ञ लोग बोलते हैं तो हमारे स्वार्थ से जोड़ दिया जाता है।

मुलायम ने कहा, सपा में शुरू से ही प्रबुद्ध वर्ग के लोग रहे हैं। जनेश्वर मिश्र और माता प्रसाद पांडेय शुरू से समाजवादी रहे हैं। सपा ने माता प्रसाद पांडेय को यूपी विधानसभा का सर्वोच्च पद दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

सपा ने ही दिए सबसे ज्यादा 'प्रबुद्ध' मंत्री

mulayam singh yadav in prabuddha sammelan

सपा सरकार में प्रबुद्ध वर्ग के जितने मंत्री हैं, उतने कमलापति त्रिपाठी, एनडी तिवारी, श्रीपति मिश्र और हेमवती नंदन बहुगुणा की सरकार में नहीं रहे। सपा ने कभी भेदभाव नहीं किया। वोट मिले न मिले प्रबुद्ध समाज को सम्मान किया है।

उन्होंने कहा, देश के हालात आप से बेहतर कौन समझ सकता है? प्रबुद्ध समाज चाहेगा तो राजनीति में अनिश्चय की स्थिति नहीं रहेगी। वह दिल्ली में ऐसी सरकार बनाए जिसमें सपा की महत्वपूर्ण भूमिका हो। प्रबुद्ध समाज चाहेगा तभी ऐसा होगा।

मुलायम ने कहा कि उन्हें प्रबुद्ध समाज से आशा और विश्वास है। समाज में भी प्रबुद्धों पर भरोसा करने वालों की तादाद अधिक है। उन्होंने मुख्यमंत्री रहते संस्कृत को बचाने का काम किया। संस्कृत से ही हिंदी निकली है। संस्कृत को खत्म करने की साजिश थी।

बसपा ने जितना अपना अपमान प्रबुद्ध वर्ग का किया, उतना किसी ने नहीं किया। एक समय ऐसा आया जब ब्राह्मण बसपा में चले गए और थोक में वोट देकर हमे हरवा दिया।

विज्ञापन

नेतओं ने दिया सोने-चांदी का फरसा

mulayam singh yadav in prabuddha sammelan

इस मौके पर प्रबुद्ध सभा के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने सपा सुप्रीमो को सोने का मुकुट भेंट किया। कई अन्य नेताओं ने चांदी का मुकुट, गदा, फरशा आदि भेंट किए।

कार्यक्रम में विधायक नंदिता शुक्ला, रमेश दुबे समेत प्रदेश के सभी जिलों से प्रबुद्ध वर्ग के प्रतिनिधि और ब्राह्मण संगठनों के नुमाइंदे।

बुद्धिजीवी नहीं बुद्धिमान बने:

सपा मुखिया ने प्रबुद्ध समाज के लोगों को बुद्धिजीवी नहीं बुद्धिमान बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बुद्धिजीवी वह जो बुद्धि के आधार पर अपनी आजीविका चलाते हैं। बुद्धिमान वह है जिसकी बुद्धि का उपयोग समाज के लिए होता है। गीता, रामायण, महाभारत, सुखसागर, पुराण प्रबुद्ध समाज के लोगों ने लिखे।

राजनीति से बड़ा चस्का कोई नहीं

mulayam singh yadav in prabuddha sammelan

मुलायम सिंह ने कहा कि राजनीति से बड़ा चस्का कोई नहीं होता। हम बहुत पदों पर रह चुके हैं, फिर भी चुनाव लड़ रहे हैं।

अशोक वाजपेयी का जिक्र करते हुए कहा कि यदि वे जीतते तो मिनिस्टर बनते। हरदोई छोड़कर वे लखनऊ आ गए हैं। आपने बड़े वाजपेयी (अटल जी) को जिताया, छोटे वाजपेयी को भी जिता देना।

सपा मुखिया ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार-घोटाले इतने छाए हैं कि लोग राजनीतिज्ञों पर विश्वास नहीं करेंगे।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, यहां लोकतंत्र कामयाब भी है। बगल (पाकिस्तान) में तो लोकतंत्र और तानाशाही साथ-साथ चल रही है।

ब्राह्मणों की तारीफ में खूब पढ़े कसीदे

mulayam singh yadav in prabuddha sammelan

मुलायम सिंह ने प्रबुद्ध समाज, खासतौर से ब्राह्मणों की तारीफ में खूब कसीदे पढ़े। उन्होंने कहा कि एक ऐसा दौर आया कि बहुत लोगों ने धर्म परिवर्तन किया लेकिन इस वर्ग ने धर्म नहीं बदला।

देश की संभ्यता, संस्कृति को बचाने में योगदान किया।

मनोज पांडेय ने भी कहा कि उनके लिए मुलायम सिंह उसी तरह हैं जैसे चंद्रगुप्त मौर्य के लिए चाणक्य। चाणक्य ने साधारण घर के युवक को चंद्रगुप्त बनाया तो मुलायम सिंह ने उन्हें विधायक और मंत्री बनाया।

मुलायम ने पूरा जीवन लोगों को हक दिलाने के लिए लगा दिया। उन्होंने कहा, आज देश में दो ताकतें हैं, एक नफरत फैलाकर, दंगे कराकर दिलों को बांटना चाहती है और दूसरी तरफ हैं समाजवाद, डॉ. लोहिया और जनेश्वर मिश्र। 21वीं सदी में समाजवाद को आगे बढ़ाने का काम मुलायम सिंह ने किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed