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शिखर हत्याकांड में फरार शिक्षा विभाग की अधिकारी मृदुला आनंद गिरफ्तार, कोर्ट में किया जाएगा पेश
Thu, 21 Feb 2019 11:38 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी
Published by: Amulya Rastogi
Updated Thu, 21 Feb 2019 11:38 AM IST
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मृदुला आनंद
- फोटो : amar ujala
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चार साल पहले हुए हाई प्रोफाइल इंजीनियर शिखर हत्याकांड में नामजद गोरखपुर के बांसगांव के पूर्व बसपा विधायक डॉ. विजय कुमार की पत्नी एडी बेसिक गोंडा को क्राइम ब्रांच व बदोसरांय पुलिस ने बृहस्पतिवार को महादेवा गेट के पास गिरफ्तार कर लिया। आरोपी महिला अधिकारी मृदुला आनंद के खिलाफ पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट के समक्ष पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वह चार साल से पुलिस को छका रही थी।
बहराइच निवासी इंजीनियर शिखर श्रीवास्तव 19 जनवरी 2015 को घर से लखनऊ निवासी शिक्षाधिकारी मृदृला आनंद से मिलने गया था। दूसरे दिन सुबह युवक का शव बाराबंकी जिले के बदोसरांय थाना क्षेत्र के बरदरी के पास मिला था। मृतक के पिता विजय श्रीवास्तव ने थाना बदोसरांय में उसी दिन गोरखपुर की विधानसभा बांसगांव के तत्कालीन बसपा विधायक डॉ. विजय कुमार व उनकी शिक्षाधिकारी पत्नी मृदृला आनंद समेत आठ लोगों के खिलाफ अपहरण, हत्या, हत्या की साजिश रचने व शव को छिपाने के प्रयास की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पीड़ित का आरोप था कि मृदृला आनंद जब बहराइच में डीआईओएस के पद पर तैनात थी तो उसके बेटे शिखर को नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपये लिए थे। पैसा वापस न करना पड़े इसके लिए बेटे की हत्या कर दी। पुलिस ने विवेचना के दौरान पूर्व विधायक की पत्नी से शिखर के संबंधों के चलते हत्या कराने के सबूत इकट्ठा किए थे। वारदात के 16 दिन बाद ही इसकी विवेचना सीबीसीआईडी को मिल गई थी। इस आदेश के खिलाफ परिवार ने हाईकोर्ट में गुहार लगाकर विवेचना बदोसराय पुलिस से कराए जाने की अपील की थी। अपर पुलिस अधीक्षक आरएस गौतम ने बताया कि शिक्षा अधिकारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। यहां से उसे जेल कड़ी सुरक्षा में जेल भेजा गया है।
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बहराइच निवासी इंजीनियर शिखर श्रीवास्तव 19 जनवरी 2015 को घर से लखनऊ निवासी शिक्षाधिकारी मृदृला आनंद से मिलने गया था। दूसरे दिन सुबह युवक का शव बाराबंकी जिले के बदोसरांय थाना क्षेत्र के बरदरी के पास मिला था। मृतक के पिता विजय श्रीवास्तव ने थाना बदोसरांय में उसी दिन गोरखपुर की विधानसभा बांसगांव के तत्कालीन बसपा विधायक डॉ. विजय कुमार व उनकी शिक्षाधिकारी पत्नी मृदृला आनंद समेत आठ लोगों के खिलाफ अपहरण, हत्या, हत्या की साजिश रचने व शव को छिपाने के प्रयास की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पीड़ित का आरोप था कि मृदृला आनंद जब बहराइच में डीआईओएस के पद पर तैनात थी तो उसके बेटे शिखर को नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपये लिए थे। पैसा वापस न करना पड़े इसके लिए बेटे की हत्या कर दी। पुलिस ने विवेचना के दौरान पूर्व विधायक की पत्नी से शिखर के संबंधों के चलते हत्या कराने के सबूत इकट्ठा किए थे। वारदात के 16 दिन बाद ही इसकी विवेचना सीबीसीआईडी को मिल गई थी। इस आदेश के खिलाफ परिवार ने हाईकोर्ट में गुहार लगाकर विवेचना बदोसराय पुलिस से कराए जाने की अपील की थी। अपर पुलिस अधीक्षक आरएस गौतम ने बताया कि शिक्षा अधिकारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। यहां से उसे जेल कड़ी सुरक्षा में जेल भेजा गया है।
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चिकित्सीय परीक्षण के दौरान छिपाती रहीं चेहरा
आरोपी शिक्षाधिकारी मृदुला आनंद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दिन में करीब दो बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में उनका चिकित्सीय परीक्षण करवाया। एक निजी कार से मृदुला आनंद को अस्पताल लेकर जब पुलिस पहुंची तो वहां मीडियाकर्मियों को देखकर उन्होंने चेहरा छिपाने का प्रयास किया।
‘अब बेटे की आत्मा को मिलेगी शांति’
शिखर श्रीवास्तव की मां रेशमा श्रीवास्तव ने बहराइच से फोन पर बताया कि बेटे की हत्या के चार साल बाद अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा मुख्य आरोपी जेल गए हैं अब अदालत से उन्हें कड़ी सजा मिलेगी। इससे बेटे की आत्मा को भी शांति मिलेगी।
‘अब बेटे की आत्मा को मिलेगी शांति’
शिखर श्रीवास्तव की मां रेशमा श्रीवास्तव ने बहराइच से फोन पर बताया कि बेटे की हत्या के चार साल बाद अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा मुख्य आरोपी जेल गए हैं अब अदालत से उन्हें कड़ी सजा मिलेगी। इससे बेटे की आत्मा को भी शांति मिलेगी।