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लोहिया संस्थान में सीटी स्कैन और एक्स-रे बंद, मरीज परेशान
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लोहिया संस्थान में 53 दिनों से एमआरआई व डिजिटल एक्सरे बंद
लोहिया संस्थान में एमआरआई और डिजिटल एक्सरे की सुविधाएं तीन अक्तूबर से बंद हैं। ऐसे में मरीजों को महंगे दर पर निजी डायग्नोसिस सेंटर में जांच करानी पड़ रही है।
हॉस्पिटल ब्लॉक की चिकित्सा अधीक्षक ने संस्थान के निदेशक को पत्र लिखा है। लोहिया संस्थान के हॉस्पिटल ब्लॉक में एमआरआई और डिजिटल एक्सरे मुफ्त में होता है।
रोजाना करीब 150 से ज्यादा लोगों का एक्स-रे और 10 से 15 लोगों की एमआरआई जांच होती है। दोनों जांचें 3 अक्तूबर से बंद हैं।
बताया जाता है कि पहले मशीन में खराबी आई और फिर तार को चूहे ने कुतर दिया। मरम्मत की जिम्मेदारी निभाने वाली कंपनी ने भी पल्ला झाड़ लिया।
इस दौरान अस्थाई निदेशक होने की वजह से जिम्मेदार अधिकारी भी चुप्पी साधे रहे। अब हॉस्पिटल ब्लॉक की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सरिता सक्सेना ने 23 नवंबर को संस्थान के निदेशक को पत्र लिखकर जल्द एसी दुरुस्त कराने की गुजारिश की है।
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अभी तक मशीन क्यों नहीं ठीक कराई गईं के जवाब में चिकित्सा अधीक्षक पत्र लिखे जाने की बात कहती हैं।
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लोहिया संस्थान में एमआरआई और डिजिटल एक्सरे की सुविधाएं तीन अक्तूबर से बंद हैं। ऐसे में मरीजों को महंगे दर पर निजी डायग्नोसिस सेंटर में जांच करानी पड़ रही है।
हॉस्पिटल ब्लॉक की चिकित्सा अधीक्षक ने संस्थान के निदेशक को पत्र लिखा है। लोहिया संस्थान के हॉस्पिटल ब्लॉक में एमआरआई और डिजिटल एक्सरे मुफ्त में होता है।
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रोजाना करीब 150 से ज्यादा लोगों का एक्स-रे और 10 से 15 लोगों की एमआरआई जांच होती है। दोनों जांचें 3 अक्तूबर से बंद हैं।
बताया जाता है कि पहले मशीन में खराबी आई और फिर तार को चूहे ने कुतर दिया। मरम्मत की जिम्मेदारी निभाने वाली कंपनी ने भी पल्ला झाड़ लिया।
इस दौरान अस्थाई निदेशक होने की वजह से जिम्मेदार अधिकारी भी चुप्पी साधे रहे। अब हॉस्पिटल ब्लॉक की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सरिता सक्सेना ने 23 नवंबर को संस्थान के निदेशक को पत्र लिखकर जल्द एसी दुरुस्त कराने की गुजारिश की है।
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अभी तक मशीन क्यों नहीं ठीक कराई गईं के जवाब में चिकित्सा अधीक्षक पत्र लिखे जाने की बात कहती हैं।