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Lucknow News: सांसद निधि के 7.50 करोड़ लौटाए, 45 काम अटके
Wed, 06 Nov 2024 01:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 06 Nov 2024 01:37 AM IST
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रायबरेली। जिले में स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के बजट को खर्च करने में बड़ी लापरवाही मंगलवार को सामने आ गई। सांसद निधि के 7.50 करोड़ रुपये भारत सरकार को वापस करने का मसला अमेठी सांसद केएल शर्मा ने उठाया तो दिशा की बैठक में अफरातफरी मच गई।
जिले की पूर्व सांसद सोनिया गांधी की स्वीकृति पर शुरू कराए गए 45 काम बजट के अभाव में अटक गए हैं। अब केंद्र सरकार को कार्यों की सूची भेजने के बाद ही खर्च करने के लिए बजट मिल सकेगा। बजट को भारत सरकार से मंगवाकर कार्यदायी विभागों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सांसद सोनिया गांधी को वर्ष 2014 से 2024 तक खर्च करने के लिए निधि मिली। बीती 15 मई को डीआरडीए ने सांसद सोनिया गांधी व अन्य राज्यसभा सदस्यों की 7.50 करोड़ की निधि को वापस कर दिया था। स्वीकृति के बाद जिले में करीब तीन करोड़ की लागत के 45 कार्यों को शुरू कराया गया, लेकिन अब दूसरी किस्त की मांग हुई तो डीआरडीए ने बजट न होने की बात कह दी, जबकि भारत सरकार ने स्वीकृत कार्यों के बजट को रोककर शेष धनराशि वापस करने के आदेश दिए थे। जिले के अधिकारियों की लापरवाही के कारण सांसद निधि के कार्य प्रभावित हो गए हैं।
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बैठक में अमेठी सांसद केएल शर्मा ने आपत्ति दर्ज कराई कि सांसद निधि को वापस करने के कारण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसमें सड़क, पेयजल सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। नियमों के विपरीत निधि को वापस किया गया है। मामला सदन में उठने के बाद विकास विभाग से जुड़े अधिकारियों में अफरातफरी मच गई।
सभापति व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत सरकार से निधि को मंगवाकर कार्यदायी विभागों को दिलाकर समय से कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए।
पोल खुलते ही आनन-फानन में मंगवाए 2.30 करोड़
केंद्र सरकार को सांसद निधि वापस करने की पोल खुलने के बाद आनन-फानन 2.30 करोड़ वापस तो मंगवा लिए गए, लेकिन बजट को खर्च करने पर रोक लगी है। सरकार ने डीएम के हस्ताक्षर से संबंधित कार्यों की सूची मांगी है, लेकिन कई माह से विभाग केंद्र को कार्यों की सूची नहीं भेज पाया। चर्चा है कि पूर्व में डीएम ने सूची पर साइन करने से ही मना कर दिया था। अब सूची भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
स्वीकृति मिलते ही होगा भुगतान
मामला संज्ञान में आने के बाद 2.30 करोड़ रुपये मंगवा लिए गए हैं। भारत सरकार को कार्यों की सूची भेजी जा रही है। स्वीकृति मिलते ही संबंधित कार्यों के लिए दूसरी किस्त का भुगतान कराया जाएगा।
अर्पित उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी
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जिले की पूर्व सांसद सोनिया गांधी की स्वीकृति पर शुरू कराए गए 45 काम बजट के अभाव में अटक गए हैं। अब केंद्र सरकार को कार्यों की सूची भेजने के बाद ही खर्च करने के लिए बजट मिल सकेगा। बजट को भारत सरकार से मंगवाकर कार्यदायी विभागों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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सांसद सोनिया गांधी को वर्ष 2014 से 2024 तक खर्च करने के लिए निधि मिली। बीती 15 मई को डीआरडीए ने सांसद सोनिया गांधी व अन्य राज्यसभा सदस्यों की 7.50 करोड़ की निधि को वापस कर दिया था। स्वीकृति के बाद जिले में करीब तीन करोड़ की लागत के 45 कार्यों को शुरू कराया गया, लेकिन अब दूसरी किस्त की मांग हुई तो डीआरडीए ने बजट न होने की बात कह दी, जबकि भारत सरकार ने स्वीकृत कार्यों के बजट को रोककर शेष धनराशि वापस करने के आदेश दिए थे। जिले के अधिकारियों की लापरवाही के कारण सांसद निधि के कार्य प्रभावित हो गए हैं।
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बैठक में अमेठी सांसद केएल शर्मा ने आपत्ति दर्ज कराई कि सांसद निधि को वापस करने के कारण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसमें सड़क, पेयजल सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। नियमों के विपरीत निधि को वापस किया गया है। मामला सदन में उठने के बाद विकास विभाग से जुड़े अधिकारियों में अफरातफरी मच गई।
सभापति व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत सरकार से निधि को मंगवाकर कार्यदायी विभागों को दिलाकर समय से कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए।
पोल खुलते ही आनन-फानन में मंगवाए 2.30 करोड़
केंद्र सरकार को सांसद निधि वापस करने की पोल खुलने के बाद आनन-फानन 2.30 करोड़ वापस तो मंगवा लिए गए, लेकिन बजट को खर्च करने पर रोक लगी है। सरकार ने डीएम के हस्ताक्षर से संबंधित कार्यों की सूची मांगी है, लेकिन कई माह से विभाग केंद्र को कार्यों की सूची नहीं भेज पाया। चर्चा है कि पूर्व में डीएम ने सूची पर साइन करने से ही मना कर दिया था। अब सूची भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
स्वीकृति मिलते ही होगा भुगतान
मामला संज्ञान में आने के बाद 2.30 करोड़ रुपये मंगवा लिए गए हैं। भारत सरकार को कार्यों की सूची भेजी जा रही है। स्वीकृति मिलते ही संबंधित कार्यों के लिए दूसरी किस्त का भुगतान कराया जाएगा।
अर्पित उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी