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यूपी और महाराष्ट्र के बीच सर्प विष अनुसंधान पर होगा एमओयू, सरकार से मांगी सांप पकड़ने की अनुमति
Tue, 02 Jul 2019 07:55 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Tue, 02 Jul 2019 07:55 PM IST
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snake venom
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यूपी का स्वास्थ्य और वन विभाग महाराष्ट्र सरकार के साथ सर्प विष पर अनुसंधान के लिए एमओयू करेंगे। हॉफकिन प्रशिक्षण, संशोधन व परीक्षण संस्थान मुंबई की निदेशक डॉ. निशिगंधा नाईक ने स्वास्थ्य व वन विभाग को इसका प्रस्ताव दिया है। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और वन मंत्री दारासिंह चौहान ने राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात की है। संस्थान की निदेशक डॉ. निशिगंधा राज्यपाल नाईक की पुत्री हैं।
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राज्यपाल ने कहा, यूपी में 12 हजार लोग हर साल सर्पदंश के शिकार होते हैं। इस प्रोजेक्ट से यह जानकारी मिलेगी कि प्रदेश में विभिन्न प्रजातियों के सांपों में जहर की कितनी अलग-अलग किस्में हैं और अलग मौसम व स्थान से इनमें कुछ बदलाव भी होता है या नहीं। किस प्रजाति के सांप का जहर कितना घातक है, इस पर अनुसंधान करके बचाव के उपाय खोजे जाएंगे।
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डॉ. निशिगंधा ने कहा कि हॉफकिन संस्थान यूपी सरकार से सांप पकड़ने की अनुमति चाहता है। सांप को पकड़कर उसका जहर निकाला जाएगा और उससे एंटी वेनम तैयार किया जाएगा। बाद में सांप को सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा।
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निशिगंधा ने स्वास्थ्य मंत्री से कहा कि सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति का नि:शुल्क इलाज होना चाहिए। एंटी स्नेक वेनम और एंटी स्कॉर्पियन वेनम वैक्सीन सभी अस्पतालों और एंबुलेंस में उपलब्ध होनी चाहिए। साथ ही सर्पदंश से दिव्यांग होने वालों की आर्थिक मदद भी की जानी चाहिए।