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15 मिनट तक तेंदुए से भिड़कर महिला ने बचा ली बेटी की जान, कहा- यमराज होते तो भी लड़ती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिछिया (बहराइच)।
Updated Wed, 28 Feb 2018 10:53 PM IST
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बेटी खुशबू व उसकी मां।
- फोटो : amar ujala
मां-बेटी बुधवार को खेत की ओर जा रही थी। तभी गन्ने के खेत से निकलकर तेंदुए ने बेटी पर हमला कर दिया। तेंदुए के जबड़े में बेटी को फंसा देख मां कांप गई। फिर हिम्मत जुटा कर तेंदुए से भिड़ गई। 15 मिनट संघर्ष के बाद मां ने बेटी की जान बचाई। तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। बेटी की हालत गंभीर है। संघर्ष में मां भी जख्मी हुई है।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र अंतर्गत निशानगाड़ा रेंज रमपुरवा बनकटी गांव निवासी अरविंद कुमार गौतम के घर बुधवार को मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन था। कार्यक्रम में उसके रिश्तेदार मऊ जिला के मांगी द्वारिकाघाट निवासी कल्पूराम की पत्नी सिंधू, बेटी खुशबू (12) के साथ आई थी।
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बुधवार सुबह दोनों घर से निकली। जब मां-बेटी खेत जा रही थी, तभी मां से कुछ दूरी पर चल रही खुशबू पर तेंदुए ने हमला कर दिया। बेटी को तेंदुए के जबड़े में देख मां पल भर को कांप गई। फिर वह तेंदुए पर झपट पड़ी। शोर मचाते हुए पास में पड़े सूखे गन्ने से तेंदुए का सामना किया।
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15 मिनट तक सिंधू और तेंदुए में संघर्ष हुआ। जिस पर तेंदुआ खुशबू को छोड़ पुन: गन्ने के खेत में घुस गया। तब तक गांव के लोग भी हांका लगाते हुए मौके पर आ गए। तत्काल रेंज कार्यालय को सूचना दी गई। लेकिन कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। लहूलुहान खुशबू को ग्रामीणों ने वाहन का इंतजाम कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर पहुंचाया। वहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। निशानगाड़ा रेंज के रमपुरवा बनकटी गांव में तेंदुए के हमले की सूचना मिली है। जख्मी किशोरी का इलाज कराकर सहायता दी जाएगी।
मां ने नहीं हारी हिम्मत
खुशबू की मां।
- फोटो : amar ujala
जिला अस्पताल में जिंदगी-मौत से संघर्ष कर रही खुशबू की मां उसकी तीमारदारी में जुटी हुई है। मां ने कहा कि बेटी उसे जान से भी प्यारी है। बेटी की जान के लिए वह तेंदुआ क्या, यमराज से भी लड़ सकती है। सिंधू ने बताया कि तेंदुए का सामना करते हुए उसके पंजे के खरोंच हाथ पर लगे, फिर भी हिम्मत नहीं हारी।