मां ने की बेटी की हत्या: शाहरूख का दोस्त था उदित, चाचा बोलती थी बिटिया; इस तरह रोशनी ने बनाया पूरा प्लान
Mother killed daughter: शाहरूख के मुताबिक उदित उनका बहुत पुराना दोस्त था। शाहरूख, रोशनी, उदित और उसकी पत्नी अक्सर मिला करते थे।
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बेटी की हत्या के गम में डूबे शाहरूख उस समय और टूट गए जब उन्हें पता चला कि रोशनी के साथ कोई और नहीं बल्कि उन्हीं का दोस्त लिवइन में रहता था। शाहरूख ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी हुई थी कि कोई लड़का फ्लैट पर आकर रहता है। बुधवार को अखबारों में उदित का नाम पढ़ा तब भी भरोसा नहीं हुआ, लेकिन थाने में उसे सामने देखकर दंग रह गया।
शाहरूख के मुताबिक उदित उनका बहुत पुराना दोस्त था। शाहरूख, रोशनी, उदित और उसकी पत्नी अक्सर मिला करते थे। दो साल पहले उदित की पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद से ही रोशनी का व्यवहार भी बदल गया था। शाहरूख ने बताया कि सोना उदित को चाचा बुलाती थी, लेकिन उसको नहीं पता था कि जिसे वह प्यार करती है वही उसकी जान ले लेगा।
कैसरबाग थाने में शाहरूख से उदित का सामना हुआ तो वह नजर नहीं मिला पा रहा था। उसने धीमी आवाज में शाहरूख से सॉरी बोला और आगे बढ़ गया। शाहरूख का आरोप है कि रोशनी हर हाल में फ्लैट अपने नाम करवाना चाहती थी। इसका जिन लोगों ने भी विरोध किया उसे उसने जेल भिजवा दिया। रोशनी का कुछ प्रभावशाली लोगों के यहां भी आना जाना था। यही वजह है कि वह अपनी पैरवी भी करवा लेती थी। सूत्रों का कहना है कि बेटी की हत्या के बाद भी कई लोगों ने उसकी पैरवी की थी। हालांकि, पुलिस ने सच्चाई बताकर पैरवी करने वालों का मुंह बंद कर दिया था।
पैर में लगी चोट दिखाई तो मिली राहत
रोशनी ने शाहरूख पर बेटी की हत्या का आरोप लगाया तो पुलिस ने उसको हिरासत में ले लिया। रोशनी का आरोप था कि शाहरूख हत्या के बाद चौथी मंजिल से फांदकर भाग निकला था। पुलिस ने जब शाहरूख से पूछताछ की तो उसने बताया कि 22 मई को उसके पैर में चोट लग गई थी। ऑपरेशन कर रॉड डाला गया था। इसकी वजह से वह सीढि़यां नहीं चढ़ पाता है। शाहरूख की चोट देखकर पुलिस को रोशनी पर संदेह हुआ। इसके बाद पूरा मामला खुल गया।
नशे की लत ने बना दिया कातिल
इंस्पेक्टर का कहना है कि रोशनी और उदित नशे के लती थे। वहीं, शाहरूख ने बताया कि दोनों नशे का इंजेक्शन भी लेते थे। नशे की लत ने दोनों को कातिल बना दिया। शाहरूख बेटी से मिलना चाहता था, लेकिन रोशनी मिलने नहीं देती थी। वह डर के मारे फ्लैट के आसपास भी नहीं जाता था ताकि रोशनी उस पर कोई केस न दर्ज करा दे।