सरयू के कछार इलाके में तेंदुए और लकड़बग्घे के हमले फिर बढ़ गए हैं। गुरुवार सुबह लकड़बग्घे ने हमला कर एक मासूम को जख्मी कर दिया। मां ने संघर्ष कर उसकी जान बचाई।
लकड़बग्घे से बेटी को बचाने में मां भी घायल हो गई। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर खेत में काम करते समय वृद्ध समेत दो ग्रामीण घायल हो गए। उनकी भी हालत गंभीर बतायी जा रही है।
हरदी थाना क्षेत्र के डिहवा गांव निवासी पुष्पा (30) अपनी चार वर्षीय बेटी सावित्री के साथ गुरुवार सुबह नित्यक्रिया के लिए खेत की तरफ गई थी। घर से एक किलोमीटर की दूरी पर जब मां-बेटी पहुंची। तभी गन्ने के खेत में छिपे लकड़बग्घे ने मासूम सावित्री पर हमला कर दिया। वह उसे खींचकर खेत में ले जाने लगा। अचानक लकड़बग्घे के हमले से मां पुष्पा सकते में आ गई।
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लकड़बग्घा
- फोटो : इंद्रेश तोमर
उसने अपने को संभालकर लकड़बग्घे से संघर्ष शुरू किया। शोर मचाते हुए पुष्पा 20 मिनट तक लकड़बग्घे से भिड़ी रही। इस दौरान गांव के लोग दौड़े। लेकिन तब तक हमले में मासूम सावित्री का चेहरा बुरी तरह जख्मी हो गया। वहीं पुष्पा के हाथ और पीठ में गहरे जख्म हुए हैं। दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया है।