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UP: कुख्यात बद्दो ने 50 लाख की सुपारी देकर कराया था गैंगस्टर जीवा का कत्ल, ये थी वजह, झूठी निकली पुरानी कहानी

Sun, 03 Sep 2023 09:54 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 03 Sep 2023 09:54 AM IST
सार

गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या को लेकर नया खुलासा हुआ है। यूपी के मोस्ट वांटेड बदमाश बदन सिंह बद्दो ने जीवा की हत्या 50 लाख रुपये में कराई थी। लखनऊ की एससी-एसटी कोर्ट में पेशी के दौरान सात जून को गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या की गई थी। 

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most wanted criminal Badan Singh Baddo got gangster Sanjeev Jeeva Killed by giving him contract of Rs 50 lakh
गैंगस्टर जीवा हत्याकांड में खुलासा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के मोस्ट वांटेड बदमाश बदन सिंह बद्दो ने गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या की साजिश रची थी। वर्चस्व की लड़ाई में बद्दो ने 50 लाख रुपये की सुपारी देकर जीवा को मौत के घाट उतरवाया था। ये खुलासा शनिवार को हत्याकांड के केस की शनिवार को दाखिल की गई चार्जशीट से हुआ है।
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चार्जशीट से पता चलता है कि बद्दो ने हत्या के लिए पूरा जाल बिछाया था। उसके गुर्गों ने शूटर विजय यादव को खोजकर सुपारी दी थी। बद्दो को केस में साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है। सीजेएम हृषीकेश पांडेय ने चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद मामले में छह सितंबर की तारीख तय करते हुए आरोपी को जेल से लाकर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
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2019 से गैंगस्टर जीवा लखनऊ जेल में बंद था। सात जून को उसकी एससी-एसटी कोर्ट में पेशी थी। जब वह कोर्ट रूम में पहुंचा था तभी वकील के ड्रेस में आए शूटर ने जीवा पर रिवॉल्वर की छह की छह गोलियां दाग दी थीं। जीवा की मौके पर मौत हो गई थी। 
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वहां मौजूद एक बच्ची व दो पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी थी। जो इलाज के बाद स्वस्थ हो गए थे। मौके से जौनपुर निवासी शूटर विजय यादव पकड़ा गया था। पुलिस ने उस पर हत्या व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेजा था। केस की विवेचना एसआईटी के पर्यवेक्षण की गई। वजीरगंज पुलिस ने शनिवार को चार्जशीट दाखिल की।

विवेचना में यह आया सामने
सूत्रों के मुताबिक विवेचना में सामने आया कि बद्दो के गुर्गों ने विजय यादव को ट्रेंड किया और उससे 50 लाख में वारदात को अंजाम देने की डील की। विजय राजी हो गया। मामूली रकम उसको दी। बाकी रकम बाद में देने की बात कही थी, लेकिन विजय वारदात के वक्त ही पकड़ लिया गया था। केस की विवेचना जारी रहेगी।

इसलिए जीवा की कराई हत्या, मुंगेर से ली थी रिवॉल्वर
बदन सिंह बद्दो और जीवा दोनों का पश्चिम यूपी में खौफ था। जीवा ने तो बाराबंकी तक जमीन कब्ज कर रखी थीं। इस बीच कई ऐसे मामले सामने आए, जिसमें बद्दो और जीवा का टकराव हो गया। अवैध हथियारों के कारोबार और जमीन कब्जों के मामले में ये दोनों आमने-सामने आने लगे थे।

इसलिए बद्दो ने जीवा की हत्या की साजिश रची। गुर्गों के जरिये पूरी रेकी कराई। जीवा के बारे में पूरी जानकारी जुटाई। कब पेशी होगी, कहां होगी? कैसे आता है और कैसे आएगा? वहीं चेकोस्लोवाकिया की जिस रिवाॅल्वर से विजय ने जीवा पर गोलियां बरसाई थीं, वह सुपारी देने वाले के एक गुर्गे ने ही मुहैया कराई थी।

पुरानी कहानी झूठी निकली
जब विजय पकड़ा गया था तब उससे पुलिस ने पूछताछ की थी। उसने बताया था कि नेपाल में असलम नाम के शख्स ने उसको सुपारी दी थी। उसने बताया था कि असलम ने कहा था कि उसका भाई लखनऊ जेल में बंद है, जीवा ने उसकी दाढ़ी नोचकर बेइज्जती की है। उसी का बदला लेना है।

पुलिस की विवेचना में ये तो साफ हो गया कि विजय नेपाल में रहा था, लेकिन कहानी फर्जी पाई गई। पुलिस ने अब केस में बदन सिंह बद्दो के साथ असलम और एक अज्ञात को आरोपी बनाया है।

बदन सिंह बद्दो का इतिहास
कुख्यात बदन सिंह बद्दो मेरठ का रहने वाला है। यूपी के माफिया की सूची में उसका नाम है। उस पर करीब 50 आपराधिक मामले दर्ज हैं। विदेश तक उसका जाल फैला हुआ है। 28 मार्च 2019 को गाजियाबाद कोर्ट से वह फरार हुआ था। तब से उसका सुराग नहीं लगा है। उस पर पांच लाख का इनाम घोषित है। अब तक वह पुलिस या एसटीएफ की जद में नहीं आया है।
 
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