एडीआर रिपोर्ट: यूपी का प्रतिनिधित्व करने वाले आधे से ज्यादा सांसद आपराधिक छवि के
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17वीं लोकसभा में यूपी का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों में आधे से अधिक सांसद दागी हैं। जबकि 80 में 77 सांसद करोड़पति हैं। मंगलवार को एडीआर की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदेश के 80 लोकसभा सीटों के सांसदों में से 44 के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज हैं। यह संख्या 2014 में 28 थी।
एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) रिपोर्ट के मुताबिक संसद में पहुंचने वाले यूपी के सदस्यों में 37 ऐसे हैं जिनपर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस सूची में पहले नंबर पर रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान, दूसरे नंबर पर घोसी से बसपा सांसद अतुल सिंह और तीसरे नंबर पर भाजपा के उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज हैं।
वहीं करोड़पति उम्मीदवारों में 80 में से 77 सांसद करोड़पति हैं। जिसमें मथुरा से भाजपा सांसद हेमा मालिनी पहले नंबर पर, बसपा के बिजनौर से सांसद मलूक नागर दूसरे नंबर पर और झांसी से भाजपा सांसद अनुराग शर्मा तीसरे नंबर पर हैं। हेमा मालिनी और मलूक नागर के पास लगभग 250-250 करोड़ की संपत्ति है। लोकसभा में पहुंचने वाले यूपी के सांसदों की औसत संपत्ति 18.5 करोड़ है।
16 सांसद की पढ़ाई लिखाई 8वीं से 12वीं तक
17वीं लोकसभा में यूपी के 16 सांसद ऐसे पहुंचे हैं जिनकी शैक्षिक योग्यता 8वीं से 12वीं तक है। जबकि 61.77 प्रतिशत सांसद ऐसे हैं जिनकी शिक्षा स्नातक या उससे अधिक है। एक सांसद ने खुद को केवल साक्षर बताया है। जहां तक उम्र का सवाल है, 27 सांसदों की उम्र 50 साल से कम और 51 सांसद की उम्र 50 साल से 80 साल के बीच की है। एक सांसद ने अपनी उम्र 80 साल से अधिक बताई है। इस चुनाव में यूपी से लोकसभा पहुंचने वाले सांसदों में महिलाओं की संख्या 10 है।