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नहर में गिरी पिकअप: नगराम हादसे में सभी बच्चों के शव निकाले गए, 34 घंटे चला सर्च ऑपरेशन

Fri, 21 Jun 2019 04:46 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Abhishek Singh Updated Fri, 21 Jun 2019 04:46 PM IST
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More than half of a dozen people immersed in canal
एसडीआरएफ की टीम - फोटो : amar ujala

राजधानी लखनऊ के नगराम के पटवाखेड़ा के पास बुधवार देर रात बेकाबू डाला इंदिरा नहर में गिर गया था जिसमें 29 लोग सवार थे। ग्रामीणों की मदद से 22 लोगों की जान बचा ली गई थी। वहीं, सात मासूम बहाव में बह गए थे।

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शुक्रवार दोपहर तक एसडीआरएफ की टीम ने सभी शवों को पानी से निकाल लिया। बताया गया कि 60 सदस्यी एसडीआरएफ की टीम ने 34 घंटे तक वाटर सर्च अभियान चलाया ।

वहीं गुरुवार को जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बताया था कि हादसे के बाद से पांच बच्चों के मृत शरीरों को एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमों की सहायता से ढूंढ लिया गया। दो बच्चे अभी भी लापता थे, जिनको ढूंढने के लिए गोताखोरों द्वारा लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था।
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गुरुवार देर शाम तक शनि (5), सौरभ (8) व अमन (9) के शव तलाश कर लिए गए थे। शुक्रवार तड़के 3 बजे से 5 बजे के रेस्क्यू ऑपरेशन में साजन पुत्र आशा राम उम्र (8 वर्ष) मानसी पुत्री राजू  (2 वर्ष) को भी निकाल लिया गया है।वहीं, हादसे के बाद चालक भाग निकला। पुलिस के मुताबिक, चालक शराब के नशे में था। बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, अग्निशमन विभाग व आरएफ की टीमें लगीं थीं। 
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नगराम के पटवाखेड़ा गांव निवासी किसान सूरजपाल के बेटे नरेंद्र उर्फ  नंदू की बुधवार को शादी थी। इसमें बीकेटी के अस्ती से लड़की वाले पै-पूंजी लेकर नरेंद्र के घर आए थे। शादी समारोह में शामिल होने बाराबंकी के लोनीकटरा स्थित पांडेय सरांय गांव और नगराम के हरदोइया निवासी नरेंद्र के रिश्तेदार भी आए थे। 


 

बच्चे जो अभी भी हैं लापता

More than half of a dozen people immersed in canal
घटनास्थल पर मौजूद जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा। - फोटो : amar ujala
रात में समारोह के बाद नरेंद्र के बाराबंकी निवासी मौसा व अन्य परिवारीजन समेत 29 लोग पिकप डाला पर सवार होकर निकले थे। घर से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर देर रात ढाई बजे मोड़ के पास डाला बेकाबू होकर इंदिरा नहर में गिर गया। डाला पांडेय सरांय निवासी देवी उर्फ दुर्गेश चला रहा था। चीखपुकार सुनकर ग्रामीण जुट गए। 

इस बीच डाला में सवार एक किशोर दौड़ता हुआ नरेंद्र के घर पहुंचा और हादसे की जानकारी दी। इस बीच जिनकों तैरना आता था वे किसी तरह बाहर निकले। अन्य लोगों को ग्रामीणों ने बचाया, लेकिन तेज बहाव में सात मासूम नहर में बह गए। नरेंद्र के रिश्तेदार करन की सूचना पर पहुंची पीआरवी व नगराम पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किया। 

उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एएसपी ग्रामीण विक्रांत वीर, सीओ मोहनलालगंज राजकुमार शुक्ला, इंस्पेक्टर मोहनलालगंज गऊदीन शुक्ला, एसओ निगोहां जगदीश पांडेय टीम के साथ पहुंचे। पुलिस ने क्रेन की मदद से डाला को बाहर निकाला। 

ये मासूम डूबे

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के मुताबिक, हादसे में इंद्र कुमार का बेटा शनि (5), तेज नारायण का बेटा सौरभ (8), रामप्रकाश का बेटा अमन (9), बाबूलाल का बेटा सचिन (6), आशाराम का बेटा साजन (8), रामबहादुर की बेटी मनीषा (5) और राजू की बेटी मानसी (1) डूब गए। शाम छह बजे तक शनि, सौरभ व अमन के शव को नहर से बाहर निकाला गया था। जबकि साजन (2) व राजू (2) के शव को शुक्रवार तड़के निकाल लिया गया।

ये थे डाला में सवार 
सीओ मोहनलालगंज राजकुमार शुक्ला के मुताबिक, डाला में बाराबंकी के पांडेय सरांय निवासी कृष्णावती, अशोक, विद्यावती, शिवशरण, काजल, शिखा, सियावती, लवकुश, लक्ष्मी पुत्री देशराज, देशराज की पत्नी, अमर, पूजा, नीलम, कैलाशा, लज्जावती, ईश्वरीगंज के रामप्रकाश, हरदोइया के राम प्रकाश, सर्वजीत, सुखमी लाल, आशा देवी, कल्लो व कलावती बैठे थे।

तेज बहाव के चलते 13 घंटे बाद मिले मासूमों के शव 
एएसपी ग्रामीण विक्रांत वीर के मुताबिक, तेज बहाव के कारण मासूमों की तलाश में दिक्कत आ रही थी। सूचना पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे और कई जगह से बैराज को बंद किया गया। कुछ जगह से पानी के रास्ते को बदला गया। 

करीब तीन बजे पानी का बहाव कम हुआ तो एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, निजी गोताखोर व स्थानीय तैराकों की मदद से मासूमों की तलाश शुरू की गई। करीब 13 घंटे बाद करीब 4.15 पर सौरभ का शव मिला। इसके बाद अमन फिर शनि का शव गोताखोरों ने ढूंढ निकाला।

मौके पर पहुंचे यह अधिकारी

मौके पर एडीजी जोन राजीव कृष्ण, आईजी एसके भगत, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, एसएसपी कलानिधि नैथानी, एएसपी यातायात पुर्णेंदु सिंह, अधिशासी अभियंता अवनीश मिश्रा सहित दर्जनों अधिकारी पहुंचे। हादसा स्थल से मंडलायुक्त व आईजी रायबरेली तक गए।  

मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसेे को दुखद बताया। उन्होंने तीन मासूमों के शव मिलने पर गहरा शोक व्यक्त किया। वहीं, चार मासूमों की तलाश में लगे अधिकारियों को निर्देश दिया कि तेजी से काम करें। उन्हाेंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे हादसे न हो इसके लिए प्रयत्न करें। 
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