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हाईकोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर ५३ लाख ठगे, मुकदमा
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नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
सेनानी विहार निवासी नवाब सिंह व उनके रिश्तेदारों को हाईकोर्ट में नौकरी का झांसा देकर ठगों ने 53 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ितों ने नागेंद्र सिंह और सरोज गौतम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
प्रभारी निरीक्षक पीजीआई धर्मपाल सिंह के मुताबिक, रायबरेली रोड सेनानी विहार में नवाब सिंह परिवार सहित रहते हैं। मकान में सरोज गौतम किरायेदार थी।
जिससे मिलने नागेंद्र सिंह घर आता था। इस दौरान सरोज ने नागेंद्र की मुलाकात नवाब सिंह से कराई। बातचीत में नागेंद्र ने खुद को मजिस्ट्रेट बताया और हाईकोर्ट में नियुक्तियां निकलने की जानकारी दी।
इस दौरान नवाब के कई रिश्तेदार नौकरी की तलाश में थे। बातचीत के बाद प्रति व्यक्ति आठ लाख रुपये का खर्च आने की बात कही।
नवाब के मुताबिक, नागेंद्र ने सरकारी अधिकारी होने के कारण खाते में रुपये भेजने से मना किया था। इसकी जगह नरेंद्र सिंह, शीला देवी और वीर बहादुर शाह के खाते में 22 लाख रुपये जमा कराए।
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इसके अलावा 31 लाख रुपये टुकड़ों में नद लिए। फिर भी नौकरी नहीं मिली और सरोज मकान खाली कर चली गई। वह नागेंद्र के घर पहुंचे तो निक्की सैनी मिला। नागेंद्र ने निक्की से भी रुपये ऐंठे थे। इसके बाद एसीपी कैंट से मुलाकात कर मुकदमा दर्ज कराया।
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प्रभारी निरीक्षक पीजीआई धर्मपाल सिंह के मुताबिक, रायबरेली रोड सेनानी विहार में नवाब सिंह परिवार सहित रहते हैं। मकान में सरोज गौतम किरायेदार थी।
जिससे मिलने नागेंद्र सिंह घर आता था। इस दौरान सरोज ने नागेंद्र की मुलाकात नवाब सिंह से कराई। बातचीत में नागेंद्र ने खुद को मजिस्ट्रेट बताया और हाईकोर्ट में नियुक्तियां निकलने की जानकारी दी।
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इस दौरान नवाब के कई रिश्तेदार नौकरी की तलाश में थे। बातचीत के बाद प्रति व्यक्ति आठ लाख रुपये का खर्च आने की बात कही।
नवाब के मुताबिक, नागेंद्र ने सरकारी अधिकारी होने के कारण खाते में रुपये भेजने से मना किया था। इसकी जगह नरेंद्र सिंह, शीला देवी और वीर बहादुर शाह के खाते में 22 लाख रुपये जमा कराए।
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इसके अलावा 31 लाख रुपये टुकड़ों में नद लिए। फिर भी नौकरी नहीं मिली और सरोज मकान खाली कर चली गई। वह नागेंद्र के घर पहुंचे तो निक्की सैनी मिला। नागेंद्र ने निक्की से भी रुपये ऐंठे थे। इसके बाद एसीपी कैंट से मुलाकात कर मुकदमा दर्ज कराया।