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Mohanlalganj: डॉक्टर की लापरवाही से ठहर गई मजदूर की जिन्दगी, तीन बार काटा गया पैर
Tue, 15 Jul 2025 06:32 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, मोहनलालगंज
अमर उजाला नेटवर्क, मोहनलालगंज
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 15 Jul 2025 06:32 PM IST
सार
मोहनलालगंज के निजी अस्पताल में मजदूर से डेढ़ लाख रुपये ले लिए और तीन बार उसका पैर काटना पड़ा। मामले में पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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मजदूर का काटा गया पैर।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
अस्पताल के रूपयों के लालच व डॉक्टर की लापरवाही ने मजदूर की जिन्दगी को खिलवाड़ बना दिया। दो लाख रुपये भी लिए और मजदूर का तीन बार पैर भी काटना पड़ा। मजदूर की हालत नाजुक होने पर डाक्टरों ने उसे अस्पताल के बाहर निकाल दिया। मजदूर का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
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मजदूर के भाई ने अस्पताल व डॉक्टरों पर लापरवाही व रूपये वसूलने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। मजदूर का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। नगराम के गढी गांव के रहने वाले सुन्दर लाल ने बताया कि उनका भाई रामफेर (40) मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है। 21 जून को उनका भाई बाईक से मोहनलालगंज जा रहा था। रास्ते में बाइक फिसलने से सड़क किनारे बिजली के खंभे से टकराकर घायल हो गया। उसे इलाज के लिए मोहनलालगंज मे लखनऊ-प्रयागराज हाइवे पर स्थित निजी अस्पताल में लाया गया।
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डॉक्टर ने बायां पैर व बायां हाथ टूटा होने की बात कहकर मजदूर से डेढ़ लाख रूपये इलाज के नाम पर ले लिए और मजदूर का पैर काट दिया। कटे पैर से खून बंद न होने पर डॉक्टर ने बताया कि कोई नस कट गई है ऑपरेशन करना पड़ेगा। ऑपरेशन के नाम पर डॉक्टर ने दोबारा पचास हजार रुपए ले लिए और मजदूर का पैर दोबारा काट दिया। दोबारा पैर काटे जाने के बावजूद मजदूर को राहत नही मिली और उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो सका और मजदूर का बचा पैर सड़ने लगा। मजदूर की हालत में सुधार न होने पर डॉक्टर ने मजदूर को अस्पताल से बाहर निकाल दिया।
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मरीज के भाई सुन्दर ने बताया कि अस्पताल से बाहर निकाले जाने पर वह अपने भाई को इलाज के लिए दूसरे अस्पताल ले गए जहां पर संक्रमित पैर से शरीर मे संक्रमण फैलने से बचाने के लिए तीसरी बार जांघ से पैर को काटना पड़ा। मजदूर के भाई ने पुलिस से शिकायत की है। इंस्पेक्टर दिनेश कुमार सिंह के मुताबिक मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर दिवाकर भारद्वाज के मुताबिक मामला संज्ञान में आया है। अस्पताल के विरूद्व कार्रवाई की जाएगी।
परिवार का कैसे होगा पालन-पोषण
मजदूर रामफेर के परिवार में पत्नी बिन्श्वरी व बेटा देशराज है। अब एक पैर न होने से उसके सामने परिवार का पेट भरने का संकट खडा हो गया है।