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Lucknow News: मोहनलालगंज के सांसद ने दाखिल किया जवाब
Fri, 21 Mar 2025 01:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 21 Mar 2025 01:48 AM IST
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मोहनलालगंज के सांसद ने दाखिल किया जवाब
लखनऊ। मोहनलालगंज से निर्वाचित सपा सांसद आरके चौधरी के चुनाव को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में चुनौती दी गई है। इस संबंध में दाखिल चुनाव याचिका पर सांसद चौधरी ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। कोर्ट ने याची को प्रतिउत्तर दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 10 अप्रैल तय की है।
न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह के एकल पीठ ने यह आदेश एक मतदाता ज्ञानी की चुनाव याचिका पर दिया। दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि आरके चौधरी ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के प्रावधानों का उल्लंघन किया। इससे चुनाव कथित रूप से भ्रष्ट आचरण से प्रभावित हुआ। याचिका में दावा किया गया है कि समाजवादी पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का मुद्दा प्रमुखता से उठाया और जाति, समुदाय एवं धर्म के आधार पर वोट मांगे।
याची के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि 12 मई 2024 को मोहनलालगंज में आयोजित चुनावी रैली में आरके चौधरी ने जातिगत और सांप्रदायिक आधार पर मतदान की अपील की थी। साथ ही पीडीए से जुड़े प्रचार को सोशल मीडिया पर भी प्रसारित किया गया, जो आचार संहिता के खिलाफ है।
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इस मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 24 सितंबर को आरके चौधरी को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने चौधरी के अधिवक्ता को 17 मार्च तक लिखित जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया था। इसके बाद विस्तृत जवाब प्रस्तुत कर दिया गया है। अब अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी। इसमें अदालत आगे की कार्रवाई तय करेगी।
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न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह के एकल पीठ ने यह आदेश एक मतदाता ज्ञानी की चुनाव याचिका पर दिया। दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि आरके चौधरी ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के प्रावधानों का उल्लंघन किया। इससे चुनाव कथित रूप से भ्रष्ट आचरण से प्रभावित हुआ। याचिका में दावा किया गया है कि समाजवादी पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का मुद्दा प्रमुखता से उठाया और जाति, समुदाय एवं धर्म के आधार पर वोट मांगे।
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याची के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि 12 मई 2024 को मोहनलालगंज में आयोजित चुनावी रैली में आरके चौधरी ने जातिगत और सांप्रदायिक आधार पर मतदान की अपील की थी। साथ ही पीडीए से जुड़े प्रचार को सोशल मीडिया पर भी प्रसारित किया गया, जो आचार संहिता के खिलाफ है।
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इस मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 24 सितंबर को आरके चौधरी को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने चौधरी के अधिवक्ता को 17 मार्च तक लिखित जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया था। इसके बाद विस्तृत जवाब प्रस्तुत कर दिया गया है। अब अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी। इसमें अदालत आगे की कार्रवाई तय करेगी।