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UP: 'संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज, जनकल्याण में लगाएं मंदिरों की कमाई'; RSS प्रमुख ने दिए सवालों के जवाब
Thu, 19 Feb 2026 08:48 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 19 Feb 2026 08:48 AM IST
सार
आरएसएस के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा मंदिरों की आय समाज निर्माण में लगे, जिम्मा भक्तों के पास हो। उन्होंने कहा कि हमें हिंदू समाज को जगाना पड़ रहा। संघ प्रमुख ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रबुद्धजनों के सवालों के जवाब दिए।
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Mohan Bhagwat
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि मंदिरों की कमाई का बड़ा हिस्सा जन कल्याण में लगना चाहिए। वे आरएसएस के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लखनऊ में अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान अंतिम दिन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों से आए प्रबुद्धजनों के सवालों के जवाब दिए। लालता प्रसाद मिश्र के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज ही है क्योंकि हमें उन्हें जगाने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है।
डॉ. श्वेता श्रीवास्तव और कर्नल एमके सिंह के सवाल के जवाब में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि मंदिरों से होने वाली आय को जन कल्याण के लिए लगाना चाहिए और इसकी बागडोर सरकार के हाथों में न होकर जिम्मेदार भक्तों के पास होनी चाहिए।
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इस दौरान उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों से आए प्रबुद्धजनों के सवालों के जवाब दिए। लालता प्रसाद मिश्र के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज ही है क्योंकि हमें उन्हें जगाने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है।
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डॉ. श्वेता श्रीवास्तव और कर्नल एमके सिंह के सवाल के जवाब में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि मंदिरों से होने वाली आय को जन कल्याण के लिए लगाना चाहिए और इसकी बागडोर सरकार के हाथों में न होकर जिम्मेदार भक्तों के पास होनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख मंदिरों के संचालन और आय के जन कल्याण के लिए खर्च किए जाने की प्रक्रिया पारदर्शी हो और निष्पक्ष व ईमानदार संस्था की निगरानी में हो। उन्होंने कहा कि संघ इस दिशा में आगे तैयारी कर रहा है, जल्द परिणाम देखने को मिलेगा।
'सरकार हम चला रहे, यह एक भ्रम'
इस दौरान दीनानाथ श्रीवास्तव ने सवाल किया कि यह कहां तक सही है कि भाजपा सरकार को संघ ही संचालित करता है। इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा भ्रम अक्सर हो जाता है। हमारे पास ऐसा कोई रिमोट कंट्रोल नहीं है।
इस दौरान दीनानाथ श्रीवास्तव ने सवाल किया कि यह कहां तक सही है कि भाजपा सरकार को संघ ही संचालित करता है। इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा भ्रम अक्सर हो जाता है। हमारे पास ऐसा कोई रिमोट कंट्रोल नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार चलाना बेहद कठिन काम है, इसलिए हम तो सिर्फ अपना ही काम करते हैं। हां, हम सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार का विरोध करने वाले हमें भी गालियां देते हैं लेकिन सत्ता में बैठे कई लोग बहुत अच्छा काम भी कर रहे हैं।
दिलीप कुमार ने सवाल किया कि भाजपा की सरकार बनते ही कुछ अवसरवादी लोग अपने फायदे के लिए संघ में शामिल हो जाते हैं जिससे समर्पित कार्यकर्ता भी उदासीन हो जाते हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को अपने समर्पण की जांच करानी चाहिए।
संघ की कार्यपद्धति फूलप्रूफ है क्योंकि संघ देश के उत्थान के लिए समर्पित कार्यकर्ता से केवल लेता ही है, उसे देता कुछ नहीं। अगर अवसरवादी लोग आ भी जाते हैं तो वे संघ में ज्यादा दिन टिक नहीं पाते क्योंकि उन्हें पता चल जाता है कि हमसे उन्हें कोई लाभ नहीं मिलने वाला है।