'पूरे भारत को एकता के सूत्र में बांधता है हिंदुत्व'
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देश को बदलना है तो खुद को बदलो। बातें नहीं, काम बड़े करो। आपके किए बगैर कुछ नहीं बदलेगा। इसलिए जिम्मेदारी उठाओ। देश के लिए बस हर दिन एक घंटा दो। जोश और उत्साह से लबरेज हजारों युवाओं से यह आह्वान किया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने। उन्होंने हिंदुत्व को देश को एकता के सूत्र में बांधने वाला बताया।
युवा संकल्प शिविर के समापन पर खुले सत्र के दौरान करीब 55 मिनट के संबोधन में भागवत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम को न केवल सराहा, बल्कि सबका साथ-सबका विकास मंत्र को भी बढ़ावा दिया।
इससे पहले सुबह के सत्र में युवाओं को समाजसेवा और संघ की शाखा लगाने का संकल्प दिलाया। संघ प्रमुख ने बौद्धिक सत्र के दौरान युवाओं के तमाम सवालों का भी जवाब दिया।
रुनकता स्थित आस्था सिटी में तीन दिवसीय युवा संकल्प शिविर के आखिरी दिन सोमवार को खुले सत्र में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संघ की शाखाओं से जुड़कर हिंदुत्व को समझने, जानने के लिए लोगों का आह्वान किया।
संघ से जुड़कर जानें यह क्या काम करता है
भागवत के संबोधन में जाति, धर्म से ऊपर उठकर देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान था, तो पूर्वजों के आदर्श, गौरवशाली इतिहास की याद भी दिलाई।
वहीं इजरायल की रक्षा नीति, जापानियों की मेहनत से सबक लेकर चरित्र को बदलने का भी आह्वान किया। सरसंघचालक ने सुनहरे भविष्य की बुनियाद डालने के लिए हर दिन एक घंटा देश के लिए मांगा। सीधे कहा, संघ क्या काम करता है, यह जानने के लिए शाखाओं में जुड़िए।
स्वयंसेवकों के बनने की प्रक्रिया का नाम आरएसएस है। दूसरों को उपदेश देने की जगह राष्ट्र निर्माण के लिए खुद जुटें। प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छता मिशन की सराहना में कहा कि छोटी बात है, लेकिन इसके परिणाम बड़े हैं।
भारत की पहचान है हिंदुत्व
विविधता में एकता के कई संस्मरण सुनाते हुए भागवत ने कहा कि देश को एक करता है हिंदुत्व। यह भारत की पहचान है। एकता का आधार है। यह वैश्विक विचार है। खुले सत्र में पड़ोसी जिलों से हजारों की तादात में लोग सरसंघचालक के संबोधन में शरीक हुए।