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केजीएमयू के डेंटल संकाय में बनेगी मॉड्यूलर ओटी
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केजीएमयू के डेंटल संकाय में बनेगी मॉड्यूलर ओटी
केजीएमयू के डेंटल संकाय में जल्द मॉड्यूलर ओटी नजर आएगी। इससे जहां मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा, वहीं संक्रमण की आशंका भी कम रहेगी। शासन को भेजे जा चुके प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
केजीएमयू में दंत संकाय के अधीन नौ विभाग चलते हैं। इनके लिए अत्याधुनिक ओटी बनाने का प्रस्ताव है। पुराने वार्ड को तोड़कर उसके स्थान पर यह निर्माण होना है। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि दंत संकाय की ओपीडी में सामान्य दिनों में 500 तक मरीज आते हैं। इन मरीजों में से काफी को सर्जरी की जरूरत होती है। इनमें एक्सीडेंट और दांतों की अन्य समस्या के मामले भी रहते हैं। इसे देखते हुए मॉडॅयूलर ओटी का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसे मंजूरी मिलने के बाद सर्जरी के मामलों में इलाज और बेहतर हो जाएगा।
निगरानी में आसानी, संक्रमण का कम खतरा
मॉड्यूलर ओटी में ऑपरेशन थिएटर अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होता है। इसमें संक्रमण का खतरा न के बराबर रहता है। साथ ही ऑटोमैटिक मशीनों से पल्स रेट, ब्लड प्रेशर आदि की मॉनीटरिंग होती रहती है। सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि सर्जरी के दौरान रोगी के शरीर से निकलने वाले द्रव्य को मशीन सोख लेती है, जिससे संक्रमण नहीं होता।
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केजीएमयू के डेंटल संकाय में जल्द मॉड्यूलर ओटी नजर आएगी। इससे जहां मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा, वहीं संक्रमण की आशंका भी कम रहेगी। शासन को भेजे जा चुके प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
केजीएमयू में दंत संकाय के अधीन नौ विभाग चलते हैं। इनके लिए अत्याधुनिक ओटी बनाने का प्रस्ताव है। पुराने वार्ड को तोड़कर उसके स्थान पर यह निर्माण होना है। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि दंत संकाय की ओपीडी में सामान्य दिनों में 500 तक मरीज आते हैं। इन मरीजों में से काफी को सर्जरी की जरूरत होती है। इनमें एक्सीडेंट और दांतों की अन्य समस्या के मामले भी रहते हैं। इसे देखते हुए मॉडॅयूलर ओटी का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसे मंजूरी मिलने के बाद सर्जरी के मामलों में इलाज और बेहतर हो जाएगा।
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निगरानी में आसानी, संक्रमण का कम खतरा
मॉड्यूलर ओटी में ऑपरेशन थिएटर अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होता है। इसमें संक्रमण का खतरा न के बराबर रहता है। साथ ही ऑटोमैटिक मशीनों से पल्स रेट, ब्लड प्रेशर आदि की मॉनीटरिंग होती रहती है। सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि सर्जरी के दौरान रोगी के शरीर से निकलने वाले द्रव्य को मशीन सोख लेती है, जिससे संक्रमण नहीं होता।
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