मोदी ने खींचे हाथ, अखिलेश ही करेंगे भुगतान!
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प्रदेश में यदि मनरेगा श्रमिकों को समय से काम न मिला तो बेरोजगारी भत्ता राज्य को देना होगा। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी बेरोजगारी भत्ते का भुगतान नहीं करेगी।
ऐसे में मुख्य विकास अधिकारियों को श्रमिकों को तय समय में काम दिलाने के लिए सख्त हिदायत दी गई है। प्रदेश में मनरेगा के तहत तय समय में काम मुहैया न कराने की समस्या पुरानी है।
सरकार ने पिछले दिनों मनरेगा को जनहित गारंटी अधिनियम के दायरे में ले लिया था और 15 दिन के भीतर काम मुहैया न कराने पर बेरोजगारी भत्ता देने का नियम लागू किया।
इसके तहत काम देने की जिम्मेदारी भी अफसरों पर तय की गई थी। अब शासन ने स्पष्ट किया है कि रोजगार मुहैया न कराने पर केंद्र सरकार बेरोजगारी भत्ते का भुगतान नहीं करेगी। पूरा भुगतान राज्य सरकार को करना होगा।
प्रमुख सचिव ने दी हिदायत
प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अरुण सिंघल ने मुख्य विकास अधिकारियों को पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्हें केंद्र के रुख की जानकारी देते हुए कहा गया है कि श्रमिकों की कार्य की मांग दर्ज की जाए और तय समय के भीतर उन्हें निश्चित रूप से काम उपलब्ध कराया जाए।