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दंगे के आरोपी विधायक नहीं हुए गिरफ्तार
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Thu, 19 Sep 2013 02:55 AM IST
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मुजफ्फरनगर दंगों में नामजद भाजपा विधायकों की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार को विधान भवन के सामने करीब साढ़े छह घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला।
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संजीदगी के बजाय सदन के अंदर और बाहर राजनीति देखने को मिली। सियासी नफे-नुकसान को भांपते हुए ऊपर से आए आदेश के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई और आरोपी विधायकों की गिरफ्तारी टल गई।
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विधानसभा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विपक्षी दलों के हमले के जवाब में कहा कि सोची-समझी राजनीति के तहत घटना को अंजाम दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दंगे के किसी दोषी को रियायत नहीं दी जाएगी। उन्होंने टीवी स्टिंग की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगाए।
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सदन में अपने कक्ष में संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने एक टीवी चैनल के स्टिंग से लगे आरोपों को सिरे से नकार दिया और कहा कि अगर आरोप साबित हुए तो वह बड़ी से बड़ी सजा भोगने को तैयार हैं।
बुधवार को विधायकों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ऊपर से आ रहे निर्देशों के मुताबिक, कभी फ्रंट तो कभी बैकफुट पर कदमताल करती रही।
भाजपा की रणनीति नामजद विधायकों की गिरफ्तारी के बाद पार्टी के सभी विधायकों की सामूहिक रूप से गिरफ्तारी देकर सरकार पर दबाव बनाने की थी।
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दंगों में वांटेड चल रहे भाजपा विधायक संगीत सोम और भारतेंदु सिंह के बुधवार को विधानसभा सत्र में शामिल होने की सूचना पर पुलिस ने सुबह से ही गिरफ्तारी को लेकर कसरत शुरू कर दी।
दोपहर करीब एक बजे विधायक संगीत सोम विधानसभा से बाहर आए और बयान दिया कि पुलिस ने उनसे कोई पूछताछ नहीं की। वह गिरफ्तारी के लिए तैयार हैं पुलिस चाहे तो गिरफ्तार कर ले। इसके बाद वे अंदर चले गए।
फोटो गैलरी: भाजपा का हाई वोल्टेज ड्रामा
करीब सवा तीन बजे विधानभवन के गेट नंबर तीन पर पुलिस अधिकारियों की गतिविधियां फिर तेज हो गईं। मुजफ्फरनगर से विवेचना अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
अधिकारियों ने मातहतों को बुलाकर घेराबंदी करने के निर्देश दिए। कहा गया कि अगर आसानी से गिरफ्तारी दे दें तो ठीक है, विरोध हो तो गिरफ्तारी मत करना। एक टीम को विधायकों की गाड़ियों का पीछा करने के लिए कह दिया गया।
शाम पांच बजे विधान भवन के गेट नंबर दो पर भाजपा कार्यकर्ता जुटने लगे। सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू हो गई। करीब सवा पांच बजे भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती के साथ भाजपा विधायक संगीत सोम, हुकुम सिंह व अन्य लोग निकले।
पुलिस टीम भी गेट नंबर दो पर पहुंच गई। पुलिस भाजपा विधायकों की ओर बढ़ी तो कार्यकर्ताओं ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
उमा भारती व अन्य विधायकों ने कहा कि अगर सरकार की हिम्मत है तो विधायकों को गिरफ्तार करके दिखाए। इसके बाद उमा भारती व सभी भाजपा विधायक पार्टी कार्यालय की तरफ बढ़ गए।
मैंने कुछ गलत नहीं किया है। मुझे फंसाया जा रहा है। अभी तक पुलिस ने मुझसे पूछताछ भी नहीं की। मैं पुलिस के सामने हूं। अगर गलत किया हो तो पुलिस मुझे गिरफ्तार करे।
-संगीत सोम, सरधना से भाजपा विधायक
मुजफ्फरनगर दंगों में कई लोगों के खिलाफ कोर्ट ने वारंट जारी किया है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
-राजकुमार विश्वकर्मा, आईजी कानून एवं व्यवस्था
क्या है आरोप
विधायक संगीत सोम पर दो समुदायों के बीच तनाव पैदा करने, साजिश रचने, 7 क्रिमिनल लॉ एक्ट और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज है।