टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों के लिए मिशन इंद्रधनुष 2.0 शुरू, चार चरणों में चलेगा अभियान
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नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए मिशन इंद्रधनुष 2.0 अभियान चलेगा। 2 दिसंबर से 2 मार्च तक चार चरणों में चलने वाले अभियान में 73 जिलों के 425 ब्लॉकों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाएगा। अभियान में 558350 बच्चों व 130757 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करने का लक्ष्य है। चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने बृहस्पतिवार को एक होटल में मिशन अभियान की शुुरुआत की।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में जब मिशन इंद्रधनुष अभियान शुरू हुआ था, तब इसमें यूपी के लिए 90 फीसदी टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था। यूपी में इस वर्ष जुलाई तक अभियान में 85 फीसदी लक्ष्य पहुंच चुका है। दिसंबर के अंत तक टीकाकरण का आंकड़ा 95 फीसदी से अधिक होने का अनुमान है। कार्यक्रम में मंत्री ने बच्चों को दवा की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की।
प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि अभियान की सफलता के लिए नवंबर में घर-घर जाकर आशा के माध्यम से टीकाकरण से छूटे बच्चों की जानकारी जुटाई गई है। उनके माता-पिता को भी टीकाकरण के लिए जागरूक किया गया है। इस मौके पर अपर मिशन निदेशक एनएचएम जसमीत कौर, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. उमाकांत, राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एपी चतुर्वेदी, यूनिसेफ की प्रतिनिधि रिचा श्रीवास्तव व प्रफुल्ल भी मौजूद थे।
दो वर्ष से कम आयु के छूटे हुए बच्चों का होगा टीकाकरण
उन्होंने बताया कि अभियान चार चरणों चलेगा। पहला चरण 2 दिसंबर से, दूसरा 6 जनवरी, तीसरा 3 फरवरी से और चौथा चरण 2 मार्च से चलेगा। यह दो वर्ष से कम आयु के छूटे हुए बच्चों के टीकाकरण का विशेष अभियान है। प्रत्येक चरण माह के पहले सोमवार से चलेगा।
इसमें नियमित टीकाकरण वाले दिनों बुधवार -शनिवार और छुट्टियों के दिनों को छोड़ा जाएगा। मंत्री ने कहा कि टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक करने और टीकों को लेकर भ्रांतियों को दूर करने में मीडिया की अहम भूमिका है। उन्होंने मीडिया से अभियान को सफल बनाने में सहयोग मांगा।