मिशन 2022 : सरकार से लेकर सदन तक साधे समीकरण, ब्राह्मणों के साथ पिछड़े और दलितों को साधने की कोशिश
पार्टी ने विधान परिषद में चार सदस्यों के मनोनयन में जहां जातीय समीकरण को साधा है, वहीं मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय व क्षेत्रीय संतुलन को साधने की कोशिश की है।
विस्तार
भाजपा ने मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए मिशन 2022 के लिए सरकार से लेकर सदन तक जातीय और क्षेत्रीय समीकरण को साधा है। पार्टी ने विधान परिषद में चार सदस्यों के मनोनयन में जहां जातीय समीकरण को साधा है, वहीं मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय व क्षेत्रीय संतुलन को साधने की कोशिश की है। मंत्रिमंडल में ब्राह्मणों का प्रतिनिधित्व बढ़ाकर इनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश की गई है। वहीं, पिछड़े व दलित वर्ग की उन जातियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जिन्हें अब तक दूसरे राजनीतिक दल नजरअंदाज करते रहे हैं।
मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा ने एक ब्राह्मण, तीन पिछड़े, दो दलित और एक अनुसूचित जनजाति वर्ग को मौका दिया है। विस्तार में बिंद और प्रजापति समाज को मौका देने के साथ कुर्मी जाति के मंत्रियों की संख्या 4 से बढ़ाकर 5 कर भाजपा ने अपने परंपरागत वोट बैंक को साधा है। क्षेत्रीय संतुलन का भी ध्यान रखा गया है। मंत्रिमंडल में पश्चिमी यूपी के मेरठ से दिनेश खटीक को प्रतिनिधित्व मिला है, तो संजीव कुमार गोंड के रूप में पूर्वांचल के सोनभद्र से और गाजीपुर से संगीता बिंद को जगह दी गई है। विकास की दृष्टि से पिछड़े बलरामपुर जिले से विधायक पल्टूराम को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिला है।
मनोनयन में भी साधे समीकरण
विधान परिषद में चार सदस्यों के मनोनयन में भाजपा ने एक ब्राह्मण और तीन पिछड़ों को मौका दिया है। जितिन प्रसाद को विधान परिषद में मनोनीत कर और मंत्रिमंडल में शामिल कराकर ब्राह्मणों को साधने की कोशिश की गई है। निषाद पार्टी से गठबंधन के एलान के बाद पार्टी ने संजय निषाद को विधान परिषद सदस्य मनोनीत कराकर गठबंधन मजबूत किया है। वहीं, सपा छोड़कर भाजपा में आए वीरेंद्र गुर्जर को एमएलसी बनाकर अपना वादा पूरा किया है।
साथ ही पश्चिमी यूपी से मंत्रिमंडल में शामिल अशोक कटारिया के साथ संतुलन बनाते हुए गुर्जर वोट बैंक को और पक्का करने का प्रयास किया है। भाजपा ने खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष गोपाल अंजान भुर्जी को भी परिषद में सदस्य नामित कराया है। भुर्जी जाति के वोटर हर विधानसभा क्षेत्र में हैं। लेकिन अब तक इस जाति को विधान परिषद में प्रतिनिधित्व नहीं मिला था। पार्टी ने गोपाल को परिषद सदस्य बनाकर इस समाज को जोड़ने का प्रयास किया है।
मंत्रिमंडल में जातीय गणित
अगडे़ : 10 ब्राह्मण, 7 ठाकुर, 5 वैश्य, 2 भूमिहार, 3 खत्री और एक कायस्थ।
पिछड़े : 5 कुर्मी, 3 जाट, 2 लोध, 2 मौर्य, एक गुर्जर, एक गड़रिया, एक निषाद, एक चौहान, एक सैनी, एक यादव, एक राजभर, एक बिंद और एक प्रजापति।
अनुसूचित जाति : 2 कोरी, 1 पासी, एक जाटव, दो खटीक, एक धोबी व एक बेलदार।
अनुसूचित जनजाति : गोंड।
अल्पसंख्यक : एक सिख व एक मुस्लिम।