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गोमती नदी में उतराती मिली वर्दी पहने लाश, शर्ट की नेम प्लेट से हुआ खुलासा

Tue, 04 Jul 2017 05:34 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Tue, 04 Jul 2017 05:34 PM IST
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missing cop dead body found in gomti river in lucknow
रोते ब‌िलखते प‌र‌िजन - फोटो : amar ujala
लखनऊ में महा अधिवक्ता की सुरक्षा में तैनात गनर का शव गोमती में उतराता मिला। एडीजी जोन, आईजी रेंज, एसएसपी संग अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। गैर जिला तबादले से परेशान सिपाही ड्यूटी से लापता था।
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एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि रिवर फ्रंट पर टहल रहे इंदिरानगर के वीके सिंह ने गोमती में वर्दीधारी का शव उतराते देख पुलिस को फोन किया। गोताखोरों की मदद से शव बाहर निकाला गया। शर्ट की जेब से नेम प्लेट व 7 सौ रुपये मिले। पैंट की पिछली जेब से सिपाही की टोपी व रुमाल निकला।
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नेम प्लेट पर एमके शुक्ल के साथ पीएनओ नंबर लिखा था। सर्च करने पर पता चला कि शव पुलिस लाइन में तैनात सशस्त्र पुलिस के कांस्टेबल मनोज कुमार शुक्ल (40) का है। वह बांदा में अतर्रा के अरेहा का मूल निवासी था। इंदिरानगर के सेक्टर-16 में पत्नी अलका व दो बेटियों के संग रहता था।
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शव की पहचान होते ही रिजर्व इंस्पेक्टर शिवप्रताप सिंह से सिपाही का ब्योरा तलब किया गया। रिजर्व इंस्पेक्टर ने बताया कि कांस्टेबल मनोज 17 मार्च से महा अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह की सुरक्षा में तैनात था।

गैर जिला तबादला होने पर शनिवार उसकी जगह दूसरे सिपाही की ड्यूटी लगाई गई। मनोज को पुलिस लाइन में आमद दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। कांस्टेबल मनोज के पुलिस लाइन में उपस्थित न होने पर रविवार सुबह उसके घर कॉल की गई।

पता चला कि मनोज रायफल व कारतूस अपने घर पर छोड़ शनिवार शाम पांच बजे निकला था। उसने पत्नी से महा अधिवक्ता के साथ पार्टी में जाने और रात को देर होने पर सुबह लौटने की बात कही थी।

 

मौत के पीछे खुदकुशी या हादसा

missing cop dead body found in gomti river in lucknow
घटनास्थल पर जांच करती पुल‌िस - फोटो : amar ujala
इसके बाद से उसका मोबाइल बंद था। रिजर्व इंस्पेक्टर ने दो पुलिसकर्मियों को मनोज के आवास पर भेजकर सरकारी रायफल व कारतूस मंगाए। इसके साथ पुलिस लाइन के रोजनामचे में उसकी गैरहाजिरी की रपट दर्ज कराई। 

लखनऊ में ठेकेदारी करने वाले विपिन शुक्ल ने बताया कि मंझला भाई मनोज 18 अगस्त 1997 को भर्ती हुआ था। गैर जिला तबादले से वह परेशान था पर उसने परिवारीजनों को अहसास नहीं होने दिया। वह 30 जून को ड्यूटी से लौटा था।

एसएसपी ने बताया कि कांस्टेबल मनोज के शरीर पर कोई जाहिरा चोट नजर नहीं आई। सरकारी रायफल व कारतूस घर पर छोड़कर निकला था। जेब में नेम प्लेट, रुपये व टोपी सुरक्षित थी।

संभव है कि किसी परेशानी के चलते रिवर फ्रंट की रेलिंग पर बीयर पीने के दौरान गिर गया हो या खुदकुशी की हो। गोमती में गिरने या कूदने के संभावित स्थानों पर छानबीन कराई जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद अन्य बिंदुओं पर तहकीकात की जाएगी। 

विपिन शुक्ल का कहना है कि भाई मनोज शनिवार शाम 5 बजे वर्दी पहनकर निकला था। कुछ देर बाद मोबाइल बंद हो गया। गोमती में कूदने या गिरने की दशा में पैरों में जूते होने चाहिए थे, मोबाइल भी गायब है। विपिन ने पुलिस अधिकारियों से जांच की मांग की है।
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