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UP News : मंत्री कर सकेंगे समूह ग और घ के तबादले, नई नियुक्ति व पदोन्नति में तबादले भी सीएम की मंजूरी से होंगे

Mon, 10 Oct 2022 09:26 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 10 Oct 2022 09:26 PM IST
सार

सरकार ने अगस्त में समूह ग और घ के कार्मिकों के तबादले मुख्यमंत्री की मंजूरी से ही करने के आदेश जारी किए थे। कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि समूह ग और घ के तबादले अब स्थानांतरण नीति-2022 में दी गई व्यवस्था के अनुसार किए जा सकेंगे।

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Ministers will be able to transfer, appointment and promotion of Group C and D will be with the approval of CM
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रदेश सरकार के सभी विभागों में समूह ग और घ के कार्मिकों के तबादले विभाग में सक्षम स्तर की मंजूरी से किए जा सकेंगे। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने सोमवार को इसका शासनादेश जारी किया।

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सरकार ने अगस्त में समूह ग और घ के कार्मिकों के तबादले मुख्यमंत्री की मंजूरी से ही करने के आदेश जारी किए थे। कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि समूह ग और घ के तबादले अब स्थानांतरण नीति-2022 में दी गई व्यवस्था के अनुसार किए जा सकेंगे। ऐसे में समूह ग और घ के सक्षम स्तर (विभागाध्यक्ष या मंत्री) से अनुमति लेकर किए जा सकेंगे।
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उन्होंने बताया कि समूह क और ख के अधिकारियों की नई नियुक्तियों और पदोन्नति के मामलों में कार्मिकों की रिक्त पदों पर तैनाती विभागीय स्तर पर सक्षम स्तर की अनुमति लेकर हो सकेगी। वहीं नई नियुक्ति या पदोन्नति के बाद किसी कार्मिक को स्थानांतरित कर तैनात करने के  लिए मुख्यमंत्री की मंजूरी लेनी पड़ेगी। जिला स्तर पर मौजूदा व्यवस्था के तहत सक्षम प्राधिकारी की ओर से ही निर्णय लिया जाएगा।
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पदोन्नति में अर्हकारी सेवा से छूट पाना कार्मिक का हक नहीं
पदोन्नति में अर्हकारी सेवा से छूट पाना किसी कार्मिक का अधिकार नहीं है। हालांकि नियुक्ति प्राधिकारी कार्य हित में अपने विवेक से इसमें छूट देने का निर्णय ले सकते हैं। इस बारे में अपर मुख्य सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने सभी विभागों के सचिवों, प्रमुख सचिवों व अपर मुख्य सचिवों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं।


शासनादेश में कहा गया है कि इस बारे में सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट आदेश दिया है। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण नियमावली, 2006 (यथा संशोधित) की व्यवस्थाओं के आधार पर अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण के प्रकरणों का निस्ताकरण किया जाए। आम तौर पर पांच साल की सेवा पूरी होने पर ही कार्मिक पदोन्नति के हकदार माने जाते हैं।

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