यूपी सरकार में ये बन सकते हैं मंत्री, आज शाम होगी घोषणा
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यूपी के मुख्यमंत्री और मंत्रियों के नाम का खुलासा आज शाम को हो जाएगा। शाम पांच बजे लोकभवन में विधायक दल की मीटिंग के बाद कई दिनों से चल रहे सस्पेंस पर से पर्दा हटेगा। भाजपा को भारी जीत मिलने के बाद से ही पार्टी विधायक मंत्री बनने के लिए लामबंदी में जुटे हैं।
भाजपा ही नहीं, बल्कि उसके सहयोगी अपना दल और भारतीय समाज पार्टी से जीते विधायक भी मंत्री पद की चाहत में हैं। करीब 14 साल के वनवास के बाद हुई वापसी में कई पुराने चेहरों की लालबत्ती की इच्छा पूरी हो सकती है।
पहले चरण में 20 से 30 मंत्रियों की शपथ
नई सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम 19 मार्च को होगा कहा जा रहा है कि पहले चरण में 20 से 30 मंत्री सीएम के साथ शपथ ले सकते हैं।
सूत्रों की मानें तो पार्टी के मुख्य प्रवक्ता व भगवंत नगर से जीते हृदय नारायण दीक्षित को मंत्रिपरिषद में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। चर्चा यह भी है कि उन्हें विधानसभा का अध्यक्ष बनाया जाएगा।
लेकिन सूत्रों का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष किसी और को बनाकर दीक्षित को संसदीय कार्यमंत्री का दायित्व देकर सदन संभालने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। विधानसभा अध्यक्ष के लिए कई वरिष्ठ विधायकों के नाम सामने आ रहे हैं।
मंत्रिपरिषद के लिए ये नाम चर्चा में
जिन लोगों के मंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है, उनमें बरेली के राजेश अग्रवाल, कानपुर के सतीश महाना, शाहजहांपुर के सुरेश खन्ना, गोरखपुर के डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल, आंवला से धर्मपाल सिंह, पूर्व एमएलसी स्वतंत्रदेव सिंह, एमएलसी महेंद्र सिंह और बसपा से भाजपा में आए स्वामी प्रसाद मौर्य।
इसी तरह मुजफ्फरनगर से जीते अवतार सिंह भड़ाना, मथुरा से जीते श्रीकांत शर्मा, बाराबंकी से जीते बैजनाथ रावत, प्रदेश महामंत्री विद्याशंकर सोनकर, नोएडा से विधायक चुने गए पंकज सिंह, लखनऊ से आशुतोष टंडन, डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, औराई से दीनानाथ भाष्कर, घोसी से फागू चौहान, काशी से रवीन्द्र जायसवाल, थाना भवन से सुरेश राणा, पूर्व मंत्री वीरेन्द्र सिंह सिरोही, एमएलसी भूपेन्द्र सिंह, रालोद से आए ठाकुर दलवीर सिंह, आगरा से योगेंद्र उपाध्याय या रानी पक्षालिका सिंह, अमेठी से गरिमा सिंह और सरोजनी नगर से विधायक बनीं स्वाति सिंह के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।
इन्हें भी मिल सकता है मंत्री बनने का मौका
इसके अलावा मुख्तार के बड़े भाई सिगबतुल्ला अंसारी को हराकर जीती दिवंगत कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय, इलाहाबाद से सिद्धार्थनाथ सिंह, सहयोगी दलों भासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर व अपना दल के विधायक नीलरतन पटेल भी मंत्री बन सकते हैं।
ज्यादा होंगे अति पिछड़े
मंत्रिमंडल में अति पिछड़ी जातियों मौर्य, पासी, लोध व अन्य जातियों के विधायक ज्यादा जगह पाएंगे।
वहीं ब्राह्मण, ठाकुर, वैश्य, कायस्थ, जाट जाति के विधायक भी मंत्री बनाए जाएंगे। दलित वर्ग में जाटव विधायक के साथ कोरी, वाल्मिकि जाति से भी मंत्री बनाए जा सकते हैं।
सीएम ही नहीं उनकी टीम भी चुनेंगे मोदी-शाह
पार्टी के उच्चपदस्थ पदाधिकारियों का कहना है कि यूपी का सीएम ही नहीं, बल्कि उनकी टीम का फैसला पीएम मोदी व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह करेंगे।
इसमें जगह बनाने के लिए ईमानदार छवि व शिक्षा के अलावा यह भी देखा जाएगा कि कौन से विधायक किस विभाग में अच्छा काम कर सकते हैं।
पार्टी 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर सरकार का गठन करेगी। ऐसे में मंत्री वही बनेंगे जो अपने विभाग के जरिए केंद्र व राज्य सरकार को श्रेष्ठ परिणाम दे सकें।