मिल्कीपुर उपचुनाव: हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग से मांगा जवाब, 12 नवंबर को हो सकता है बड़ा फैसला
Milkipur by-election: यूपी की मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव नहीं हो पा रहा है। कोर्ट में दाखिल एक पिटीशन की वजह से ऐसा हो रहा है। अब इस मामले में कोर्ट ने चुनाव आयोग से भी जवाब मांगा है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अयोध्या के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव मामले में दाखिल जनहित याचिका पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी। मिल्कीपुर के प्रभुनाथ तिवारी की याचिका पर न्यायमूर्ति एआर मसूदी और सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने ये आदेश दिया।
तिवारी ने याचिका में उपचुनाव समय से कराने की मांग की है। कोर्ट ने चुनाव आयोग के अधिवक्ता को आदेश दिया कि इस संबंध में आयोग से निर्देश प्राप्त कर अगली सुनवाई पर जवाब दें। बता दें कि कि भाजपा नेता गोरखनाथ की ओर से दाखिल एक निर्वाचन याचिका के लंबित होने के कारण चुनाव आयोग ने मिल्कीपुर के उपचुनाव की तारीख घोषित नहीं की।
गोरखनाथ ने सपा के अवधेश प्रसाद के विधानसभा चुनाव 2022 में विधायक चुने के खिलाफ दाखिल याचिका वापस लिए जाने का प्रार्थना पत्र दाखिल किया। लेकिन, तय प्रक्रिया नहीं अपनाए जाने के कारण प्रार्थना पत्र पर सुनवाई टल गई।
कांग्रेस नहीं उतारेगी अपने प्रत्याशी
कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह उत्तर प्रदेश में नौ विधानसभा उपचुनावों में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी और इंडिया गंठबंधन के उम्मीदवारों का समर्थन करेगी। कांग्रेस ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक स्थिति में पार्टी हितों के ऊपर संविधान की रक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया।
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रमुख अजय राय के साथ यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राज्य प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे ने कहा कि पार्टी नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श करने के बाद समाज, प्रदेश और देश के हित में यह कदम उठाया गया। पांडे ने कहा, मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ गहन चर्चा की गई। आज जिस तरह से सामाजिक तनाव बढ़ रहा है और जिस उद्देश्य से ‘इंडिया’ गठबंधन का गठन किया गया था, उसे देखते हुए आज अपने संगठन और पार्टी को बचाने का समय नहीं है, बल्कि संविधान बचाने, सामाजिक सौहार्द और भाईचारा बचाना जरूरी है।
उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस इंडिया गठबंधन यानी सपा के सभी उम्मीदवारों को जिताने के लिए पूरा समर्थन करेगी। पांडे ने दावा किया कि अगर आज भाजपा को नहीं रोका गया तो संविधान, सौहार्द और भाईचारा खतरे में पड़ जाएगा। पांडे ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया है कि इन चुनावों में भाजपा को कड़ी शिकस्त देनी है, ताकि आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में सकारात्मक प्रभाव पड़े। राज्य की नौ सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान 13 नवंबर को होना हैं। मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी।
कांग्रेस ने नहीं किया समर्पण
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘इंडिया’ गठबंधन एकजुट है और उत्तर प्रदेश की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। राय ने इस धारणा को खारिज कर दिया कि कांग्रेस ने किसी तरह का समर्पण किया है। उनका कहना था कि परिस्थिति को देखते हुए फैसला हुआ है जो प्रदेश के हित में है। राय ने इस अटकल को भी गलत बताया कि सपा ने फूलपुर सीट कांग्रेस को देने की पेशकश की थी।