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दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति- 2022 स्वीकृत : नई दुग्ध नीति में महिलाओं को मिलेगी खास तवज्जो
Wed, 09 Nov 2022 08:22 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 09 Nov 2022 08:22 PM IST
सार
प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश दुग्ध नीति - 2018 को समाप्त करते हुए उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति- 2022 को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए नई दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 में उन्हें खास तवज्जो दी जाएगी। इस नीति में सरकार ने दुग्ध प्रसंस्करण को 15 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। कहा गया है कि दुग्ध समितियों से महिलाओं को जोड़कर स्वरोजगार की राह पर ले जाया जाए।
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प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश दुग्ध नीति - 2018 को समाप्त करते हुए उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति- 2022 को स्वीकृति प्रदान कर दी है। सरकार का लक्ष्य दुग्ध प्रसंस्करण के स्तर को वर्तमान के 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक ले जाना एवं दुग्ध प्रसंस्करण की स्थापित क्षमता को बढ़ाना है। सरकार का मानना है कि इस नीति केतहत तहत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 1.25 लाख नए रोजगार का सृजन अनुमानित है।
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इस नीति में महिलाओं को प्रमुखता से जोड़ने की बात कही गई है। कई समितियों से जुड़ी महिलाओं ने इस क्षेत्र में काफी सफलता हासिल की है। इसी परिणाम को देखते हुए नई नीति में भी महिलाओं को जोड़ने को कहा गया है। दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के मुताबिक इस क्षेत्र में महिलाओं के लिए नए रोजगार के द्वार खोलने की तैयारी है।
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5 हजार करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी
इस नीति के तहत अगले 05 वर्षों में 05 हजार करोड़ रुपये के पूंजी निवेश को लक्ष्य बनाया गया है। इस नीति में पूंजीगत निवेश अनुदान, ब्याज, उपादान, बाजार विकास एवं ब्रांड प्रोत्साहन, मानकीकरण प्रोत्साहन, पेटेंट, डिजाइन, पंजीकरण, प्रोत्साहन, विद्युत शुल्क, विद्युत एवं स्टांप शुल्क प्रतिपूर्ति तथा प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लि. के सुधार के प्रावधान किए गए हैं।
एफपीओ को छूट
इस नीति में विभिन्न एफपीओ, प्रदेश की सहकारी संस्थाओं एवं निजी क्षेत्र के उद्यमियों को नवीन दुग्ध प्रसंस्करण एवं दुग्ध उत्पाद विनिर्माण दुग्धशाला इकाई की स्थापना में छूट मिलेगी। एफपीओ एवं सहकारी संस्थाओं से काफी महिलाएं जुड़ी हैं। पशु आहार एवं पशु पोषण उत्पाद निर्माणशाला इकाई की स्थापना एवं क्षमता विस्तारीकरण या वृद्घि को भी इस नीति में शामिल किया गया है। एमएसएमई के मूल्य संवर्धित दुग्ध उत्पाद जैसे पनीर, आइसक्रीम आदि का निर्माण करने वाली नवीन इकाई की स्थापना नवीन डेयरी तकनीक एवं सूचना प्रौद्योगिकी आदि में भी इस नीति के तहत सहायता प्रदान की जाएगी।