{"_id":"6ade688ab58a4f236509ee53","slug":"military-hospital-and-rehabilitation-university-to-collaborate-lucknow-news-c-13-lko1070-1981373-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: साथ मिलकर काम करेंगे सैन्य चिकित्सालय और पुनर्वास विवि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: साथ मिलकर काम करेंगे सैन्य चिकित्सालय और पुनर्वास विवि
विज्ञापन
लखनऊ। दिव्यांगजनों को बेहतर चिकित्सा, पुनर्वास और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सैन्य चिकित्सालय फतेहगढ़ और डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय ने हाथ मिलाया है। दोनों संस्थान चिकित्सा, विशेष शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक पुनर्वास तकनीकों के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। शनिवार को सैन्य चिकित्सालय के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल मनीष पांडेय और विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया।
समझौते के तहत विद्यार्थियों के प्रशिक्षण, विशेषज्ञों के व्याख्यान, कार्यशालाओं और संयुक्त शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। दिव्यांगजनों की जरूरतों के अनुसार सहायक उपकरणों और आधुनिक पुनर्वास तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनों को केवल इलाज ही नहीं, बल्कि शिक्षा, कौशल विकास और समाज में बराबरी के अवसर भी मिलने चाहिए। बैठक में भविष्य में दिव्यांगजनों के लिए आर्मी यूनिट फॉर डिफरेंटली-एबल्ड स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य दिव्यांग रक्षा कर्मियों और अन्य पात्र लोगों की जरूरतों के अनुरूप चिकित्सा, पुनर्वास, प्रशिक्षण और पुनर्स्थापन सेवाओं के लिए समन्वित व्यवस्था विकसित करने की संभावनाएं तलाशना है। कार्यक्रम में विशेष शिक्षा संकाय की अधिष्ठाता विनीता सिंह, डॉ. कौशल शर्मा, एमओयू समन्वयक डॉ. विजय शंकर शर्मा, आर्मी वाइफ वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. पारुल मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी कैप्टन विनोद कुमार, संकेत विद्यालय फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य बलवंत मौजूद रहे।
विज्ञापन
समझौते के तहत विद्यार्थियों के प्रशिक्षण, विशेषज्ञों के व्याख्यान, कार्यशालाओं और संयुक्त शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। दिव्यांगजनों की जरूरतों के अनुसार सहायक उपकरणों और आधुनिक पुनर्वास तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनों को केवल इलाज ही नहीं, बल्कि शिक्षा, कौशल विकास और समाज में बराबरी के अवसर भी मिलने चाहिए। बैठक में भविष्य में दिव्यांगजनों के लिए आर्मी यूनिट फॉर डिफरेंटली-एबल्ड स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य दिव्यांग रक्षा कर्मियों और अन्य पात्र लोगों की जरूरतों के अनुरूप चिकित्सा, पुनर्वास, प्रशिक्षण और पुनर्स्थापन सेवाओं के लिए समन्वित व्यवस्था विकसित करने की संभावनाएं तलाशना है। कार्यक्रम में विशेष शिक्षा संकाय की अधिष्ठाता विनीता सिंह, डॉ. कौशल शर्मा, एमओयू समन्वयक डॉ. विजय शंकर शर्मा, आर्मी वाइफ वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. पारुल मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी कैप्टन विनोद कुमार, संकेत विद्यालय फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य बलवंत मौजूद रहे।
विज्ञापन