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घर वापसी के लिए सरकार का शुक्रिया, श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लखनऊ पहुंचे यात्रियों ने बताई अपनी परेशानियां
Sun, 03 May 2020 09:57 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sun, 03 May 2020 09:57 PM IST
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लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे श्रमिक
- फोटो : amar ujala
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श्रमिक स्पेशल ट्रेन से रविवार को लखनऊ पहुंचे यात्रियों ने एक तरफ तो घर वापसी पर सरकार का शुक्रिया कहा, वहीं कई परेशानियां भी गिनवाईं। कुछ श्रमिकों ने टिकट के अधिक पैसे वसूलने की शिकायत की तो कुछ ने वहां होने वाली खाने-पीने की समस्याएं गिनवाईं।
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घर वापसी का शुक्रिया
शामली निवासी, मुहम्मद आरिफ ने कहा कि राशन खत्म हो गया था और जेब में पैसे भी नहीं बचे थे। ऐसे में सरकार ने जब दोबारा लॉकडाउन बढ़ा दिया तो मुंबई से एक निजी वाहन से निकल भागा, लेकिन रास्ते में पुलिस ने पकड़ लिया। जिसके बाद सीधे क्वारंटीन सेंटर भेज दिया और इतने दिनों से फंसा रहा। घर वापसी के लिए सरकार का शुक्रिया।
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खाने लायक नहीं होता था खाना
बहराइच निवासी, नवरंग ने बताया कि लॉकडाउन में जब मैं मुंबई में फंस गया तो मेरी बीवी का फोन आया। उस वक्त उसकी तबीयत बहुत खराब थी। मैंने बहराइच आने का प्रयास किया। लेकिन असफल रहा। मजबूरन इतने समय तक सेंटर पर रहना पड़ा। वहां खाने को मिलता था, लेकिन वह खाना खाने लायक नहीं होता था।
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मुफलिसी में रेलवे ने वसूला टिकट
प्रतापगढ़ निवासी, राजन यादव ने कहा कि कोरोना की वजह से मजदूरी पहले ही छिन गई थी, उसके बाद जो थोड़ा बहुत बचा था उस से गुजर बसर हो रही थी। एक दिन वापसी का प्लान बनाया, निकला भी लेकिन रास्ते में पकड़ लिया गया। वहां से सेंटर भेज दिया गया। अब जब सेंटर से लखनऊ के लिए ट्रेन मिली तो रेलवे ने किराया वसूल लिया। उधार लेकर किराए का पैसा देना पड़ा, उस पर भी 50 रुपये अधिक लिए गए।
पीछे छूट गई गृहस्थी
गोरखपुर निवासी अंशुल ने बताया कि मुंबई में जहां पर रहता था, वहीं पर मेरी छोटी सी गृहस्थी भी थी। मेरा सामान वहीं फंस गया है। मैं तो जैसे तैसे लखनऊ पहुंच गया हूं और यहां से गोरखपुर भी चला जाऊंगा। लेकिन अब वापस मुंबई जाकर रोजी रोटी कमाना आसान नहीं होगा। इसलिए सरकार को लॉकडाउन हटने के बाद रोजगार देने पर भी फोकस करना होगा।