योगी सरकार का फैसलाः मां से चेक कराया जाएगा स्कूलों में बनने वाला मिड-डे मील
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य सरकार का मानना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के भरोसे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं करवाई जा सकती। इसके लिए जन सहभागिता जरूरी है।
जन सहभागिता की नीति के तहत प्रत्येक स्कूल में छह छात्रों की माताओं की एक टीम बनाई जाएगी। इस टीम में शामिल हर मां के लिए सप्ताह में एक दिन तय होगा। इसमें वह स्कूल में जाकर मध्याह्न भोजन चखेगी।
मां की शिकायत पर दूर होगी कमी
मां की रिपोर्ट में किसी तरह की शिकायत पर तत्काल उस कमी को दूर किया जाएगा। बार-बार एक ही शिकायत मिलने पर संबंधित शिक्षकों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शासन की योजना के मुताबिक, मिड-डे मील चेक करने वाली टीम में वहीं माताएं शामिल होंगी, जिनके बच्चे स्कूल में पढ़ रहे होंगे। इस बात का खास ख्याल रखा जाएगा कि चेकिंग के नाम पर स्कूलों में किसी तरह की राजनीति न होने पाए। शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक, इस योजना को सफल बनाने के लिए निदेशालय के अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं।