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Lucknow News: पांच सदस्यीय टीम ने शुरू किया मेट्रो सेकेंड फेज का सर्वे
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रूट की पुरानी व जर्जर इमारतों को किया जा रहा चिन्हित
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। मेट्रो के चारबाग से बसंतकुंज के सेकेंड फेज निर्माण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मिट्टी के नमूने जांचे जा चुके हैं। पांच सदस्यीय टीम रूट का सर्वे कर रही है, जो पार्किंग व कॉमर्शियल जगहों का आकलन कर रही है। केंद्र सरकार को अप्रूवल के लिए प्रोजेक्ट भेजा गया है। अनुमति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
लखनऊ मेट्रो का पहला फेज अमौसी से मुंशीपुलिया के बीच संचालित है। यहां मेट्रो यात्रियों को सुविधा दे रही है। सेकेंड फेज में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को लेकर मेट्रो प्रशासन ने पहले ही पब्लिक इंवेस्टमेंट बोर्ड से अनुमति ले ली है। इसके बाद केंद्र सरकार को अप्रूवल के लिए प्रोजेक्ट भेजा गया है। सूत्र बताते हैं कि
अंडरग्राउंड स्टेशनों के पास मौजूद जर्जर व पुरानी इमारतों को चिह्नित किया जा रहा है। रूट पर पड़ने वालों निर्माणों को अस्थायी रूप से शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन टीम गठित की है, जो अमीनाबाद से लेकर चौक तक प्रस्तावित अंडरग्राउंड स्टेशनों के लिए सर्वे कार्य कर रही है। बता दें कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को ब्लू लाइन नाम दिया गया है। इस पर 5801 करोड़ रुपये खर्च आएगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। मेट्रो के चारबाग से बसंतकुंज के सेकेंड फेज निर्माण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मिट्टी के नमूने जांचे जा चुके हैं। पांच सदस्यीय टीम रूट का सर्वे कर रही है, जो पार्किंग व कॉमर्शियल जगहों का आकलन कर रही है। केंद्र सरकार को अप्रूवल के लिए प्रोजेक्ट भेजा गया है। अनुमति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
लखनऊ मेट्रो का पहला फेज अमौसी से मुंशीपुलिया के बीच संचालित है। यहां मेट्रो यात्रियों को सुविधा दे रही है। सेकेंड फेज में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को लेकर मेट्रो प्रशासन ने पहले ही पब्लिक इंवेस्टमेंट बोर्ड से अनुमति ले ली है। इसके बाद केंद्र सरकार को अप्रूवल के लिए प्रोजेक्ट भेजा गया है। सूत्र बताते हैं कि
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अंडरग्राउंड स्टेशनों के पास मौजूद जर्जर व पुरानी इमारतों को चिह्नित किया जा रहा है। रूट पर पड़ने वालों निर्माणों को अस्थायी रूप से शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन टीम गठित की है, जो अमीनाबाद से लेकर चौक तक प्रस्तावित अंडरग्राउंड स्टेशनों के लिए सर्वे कार्य कर रही है। बता दें कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को ब्लू लाइन नाम दिया गया है। इस पर 5801 करोड़ रुपये खर्च आएगा।
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