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मेट्रो रूट बनने के साथ ही डायवर्ट होंगी जनसुविधाएं

Sun, 13 Apr 2014 09:14 AM IST
प्रवेंद्र/अमर उजाला, लखनऊ
प्रवेंद्र/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 13 Apr 2014 09:14 AM IST
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Metro route will divert public facilities

एलएमआरसी मेट्रो निर्माण का काम शुरू करने के साथ ही रूट में आने वाली जनसुविधाओं (पानी, बिजली, टेलीफोन और नाला) को डायवर्ट करेगा।

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यह कार्य संबंधित विभागों से कराया जाएगा। इसको लेकर एलएमआरसी के अधिकारी संबंधित विभागों के साथ कई बैठक भी कर चुके हैं।

अब मेट्रो का काम शुरू करने को लेकर कवायद तेज हुई है तो जनसुविधाओं को डायवर्ट करने को लेकर भी संबंधित विभागों से तालमेल करने की तैयारी की जाने लगी हैं।

एलएमआरसी सबसे पहले नार्थ साउथ कॉरिडोर (अमौसी से मुंशीपुलिया) पर अमौसी से आलमबाग तक निर्माण कार्य शुरू करेगा। इस दौरान मेट्रो रूट में आने वाली बिजली व टेलीफोन अंडर ग्राउंड केबल को शिफ्ट किया जाएगा।
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इसी तरह पेयजल व सीवर लाइन को भी रूट के दायरे से शिफ्ट किया जाएगा। इसको लेकर एलएमआरसी सभी विभागों से बातचीत भी कर चुका है। मेट्रो का काम जुलाई के अंतिम सप्ताह तक शुरू होने की उम्मीद है।
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ऐसे में रूट में आने वाली जनसुविधाओं को बिना डायवर्ट किए काम शुरू नहीं किया जा सकता। पहले यह कहा जा रहा था कि जनसुविधाओं को शिफ्ट किया जाएगा और रूट बनाने का काम शुरू होगा।

मगर शहरवासियेंा को अधिक परेशानी मेट्रो परियोजना से न हो इसके लिए अब दोनाें काम एक साथ करने की योजना एलएमआरसी ने बनाई है।

एलएमआरसी के एमडी राजीव अग्रवाल का कहना है कि मेट्रो निर्माण कार्य के साथ ही जनसुविधाओं को शिफ्ट किया जाएगा।

एलएमआरसी मेट्रो रूट में अत्याधुनिक तकनीकी वाले ऑटोमेटिक सिग्नल लगाएगा। इससे मेट्रो का संचालन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।

जानकारों के मुताबिक, लखनऊ मेट्रो के लिए जो सिग्नल प्रयोग किए जाएंगे वह दिल्ली मेट्रो से बेहतर होंगे। एक सिग्नल से दूसरे सिग्नल के बीच की टाइमिंग डेढ़ मिनट पर होगी।

जबकि दिल्ली में सिग्नल की टाइमिंग तीन मिनट है। टाइम कम होने से यात्रियों को अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस माह राजधानी आ रहे मेट्रोमैन ई. श्रीधरन के साथ एलएमआरसी के अधिकारी सिग्नल को लेकर प्रमुख रूप से बात करेंगे। साथ ही अधिकारी सिविल वर्क पर उनसे सलाह लेंगे।

मेट्रो में मैनुअल फाइल नहीं चलेगी। यहां पर कार्यालय का सारा कामकाज कंप्यूटर पर होगा। इसके लिए एलएमआरसी ने सॉफ्टवेयर तैयार कराया है। जिसका ट्रायल भी शुरू हो गया है।


इसके शुरू होने के बाद एलएमआरसी ऑफिस का कामकाज पेपर लेस हो जाएगा। इस बारे में एलएमआरसी के एमडी राजीव अग्रवाल का मानना है कि इससे फाइल का झंझट समाप्त हो जाएगा।

हर कर्मचारी का एक लॉगिन बना दिया जाएगा। इससे वह अपने कंप्यूटर पर काम करेगा। लॉगिन के जरिए ही कर्मचारी अपनी रिपोर्ट एक दूसरे को भेज सकेंगे।

यदि कोई पत्र बाहर से आएगा तो उसे भी स्कैन कर सॉफ्टवेयर के जरिए संबंधित कर्मचारी को भेजा जाएगा।

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