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मेट्रो पर बकाया आवास विकास का पांच करोड़ किराया

Sun, 25 Aug 2019 01:57 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 25 Aug 2019 01:57 AM IST
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metro not paid 5 crore rent
मेट्रो ने नहीं चुकाया आवास विकास का पांच करोड़ रुपये किराया
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यार्ड बनाने के लिए किराए पर ली जमीन का नहीं दिया पैसा
अब आवास विकास ने जारी की नोटिस, 31 तक मौका
कास्टिंग यार्ड बनाने के लिए लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने आवास विकास परिषद की वृंदावन योजना में दो जगह जमीन किराए पर ली। वर्ष 2017 में परिषद से जमीन मिलने के बाद भी मेट्रो ने न तो अनुबंध किया और न ही किराया जमा किया। अब यह करीब पांच करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसे लेकर अब परिषद की ओर से मेट्रो को नोटिस जारी किया गया है। 31 अगस्त तक किराया जमा न करने पर मेट्रो के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।
मेट्रो को नॉर्थ साउथ कॉरिडोर (एयर पोर्ट से मुंशीपुलिया) पर काम शुरू करने को लेकर कास्टिंग यार्ड बनाने की आवश्यकता थी, जिसके लिए मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने आवास विकास परिषद से उसकी वृंदावन योजना के सेक्टर 9 और 19 में किराए पर जमीन मांगी थी। परिषद सेक्टर 19 में 38,268 वर्ग मीटर और सेक्टर 9 में पांच हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कर्राई, जिसमें सेक्टर नौ में 4,03,500 रुपये प्रतिमाह और सेक्टर 19 में 6,17,646 रुपये प्रतिमाह किराया तय किया। जो अब तक मेट्रो प्रशासन ने जमा नहीं किया है, जिससे अब यह बढ़कर 4.97 करोड़ रुपये पहुंच गया।
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किराया जमा किया न अनुबंध किया
परिषद की वृंदावन योजना के सम्पत्ति प्रबंधक केडी शर्मा की ओर से लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एलएमआरसी) के परियोजना प्रबंधक को भेजे गए नोटिस में कहा गया कि 2017 में चार साल के लिए एलएमआरसी को जमीन इस शर्त के साथ दी गई थी कि वह किराया अनुबंध करेगी और नियमित किराया जमा करेगी। उसके बाद भी एलएमआरसी की ओर से न तो किराया जमा किया गया और न ही अनुबंध किया गया। जिस पर परिषद की ओर से कई पत्र भी एलएमआरसी को भेजे गए। उसके बाद भी एलएमआरसी ने कोई सुनवाई नहीं की। यदि 31 अगस्त तक मेट्रो प्रशासन ने बकाया 4.97 करोड़ रुपये किराया जमा नहीं किया और अनुबंध पूरा नहीं किया तो विधिक कार्यवाही की जाएगी।
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इसकी जानकारी नहीं
किराया जमा करने को लेकर और अनुबंध को करने को लेकर क्या स्थिति है। इसकी जानकारी अभी नहीं है। इस बारे में पता किया जाएगा। वृंदावन योजना में जो जमीन ली गई थी उसमें एलएमआरसी के लिए काम करने वाली एक निजी कंपनी का यार्ड था।
- पुष्पा बेलानी, जनसम्पर्क अधिकारी, एलएमआरसी
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