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लखनऊ में सरकारी अस्पतालों में दवाओं से लेकर वैक्सीन हुई एक्सपायर

Mon, 14 Jun 2021 02:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jun 2021 02:00 AM IST
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Medicines and injections worth lakhs expired in government hospital during peak of corona
अगर जरा सी चूक होती तो स्वास्थ्यकर्मियों को इन्फ्लुएंजा की एक्सपायरी वैक्सीन लग जाती। मामला सीएमओ के अधीन सीएचसी का है।
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जानकारी के बाद सीएचसी प्रभारी ने मामले में चीफ फार्मासिस्ट से जवाब-तलब किया है। कोरोना की दूसरी लहर में सरकारी अस्पतालों में लाखों रुपये की दवाएं और इंजेक्शन एक्सपायर हो गए।
ड्रग कॉरपोरेशन ने मार्च में सीएमओ के अधीन सीएचसी में इन्फ्लुएंजा वैक्सीन के सात डिब्बे भेजे थे। लेकिन कोविड के दौरान सीएचसी का स्टोर बंद रहा और ओपीडी नहीं चली।
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नौ जून को यह वैक्सीन स्वास्थ्यकर्मियों को लगाने के लिए दी गई। जब नर्स ने एक्सपायरी जांची तो तीन जून देखकर उसके होश उड़ गए।
सीएचसी प्रभारी डॉ. ज्योति ने बताया कि चीफ फार्मासिस्ट से जवाब-तलब किया गया है। कोरोना के पीक के दौरान इन्फ्लुएंजा वैक्सीन एक्सपायर हुई थी। बाकी कोई अन्य दवाएं एक्स्पायर नहीं हुई हैं।
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आरोप है कि ड्रग कॉरपोरेशन के जरिए जो दवाएं अस्पतालों को भेजी गई थीं, उनकी एक्सपायरी तारीख नजदीक थी। सामान्य ओपीडी बंद होने से इनका लाभ नॉन कोविड मरीजों को नहीं मिल पाया।
जबकि इस दौरान जरूरतमंद मरीज एक-एक गोली के लिए निजी मेडिकल स्टोरों के चक्कर लगाते रहे। अस्पताल प्रभारियों ने सभी दवाओं की एक्सपायरी चेक कराकर वापसी के लिए ड्रग कॉरपोरेशन को पत्र भेजा है।
इन्फ्लुएंजा के एक डोज की कीमत 1600 रुपये
इन्फ्लुएंजा वैक्सीन की एक डोज की कीमत बाजार में करीब 1600 रुपये है। एक डिब्बे में करीब सात वॉयल होते हैं। एक वॉयल में सात लोगों को वैक्सीन लग जाती है। अनुमान के मुताबिक, करीब 700 लोगों को लगने वाली वैक्सीन अफसरों की लापरवाही से एक्सपायर हो गई।
बलरामपुर अस्पताल में कैल्शियम की दस हजार गोली खराब
अप्रैल में कोविड अस्पताल में बदलने से बलरामपुर अस्पताल में ओपीडी व इमरजेंसी सेवाएं बंद हो गई थीं। ड्रग कॉरपोरेशन से भेजी गईं नजदीकी एक्सपायरी की दवाएं यहां आई थीं। अफसरों ने रिकॉर्ड चेक किया तो कैल्शियम की दस हजार गोलियां एक्सपायर निकलीं। इसके बाद दवाएं वापस ड्रग कॉरपोरेशन को भेज दी हैं। इसके अलावा कई अन्य दवाएं भी एक्सपायर हुई है। जिन्हें अफसर दबाने में जुटे हुए हैं। अस्पताल निदेशक डॉ. संतोष ने बताया जो दवाएं खराब होने वाली हैं उन्हें लौटाया जा रहा है या दूसरे अस्पताल भेजा जा रहा है।

लोकबंधु में मेट्रोजेल समेत अन्य दवाएं बेकार होने की कगार पर
लोकबंधु अस्पताल को मार्च में कोविड में बदला गया था। ड्रग कॉरपोरेशन से नजदीकी एक्सपायरी की दवाएं यहां भी भेजी गई थीं। इसमें मेट्रोजेल समेत अन्य दवाएं हैं। अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर के मुताबिक, दवाओं का स्टॉक चेक कराया जा रहा है। जो भी दवाएं नजदीकी एक्सपायरी की हैं उन्हें दूसरे नॉन कोविड अस्पतालों को दिया जाएगा। यही हाल रामसागर मिश्रा हॉस्पिटल, रानीलक्ष्मीबाई अस्पताल, बीआरडी महानगर समेत अन्य अस्पतालों में दवाएं खराब हुई है।
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