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अटल बिहारी के नाम पर लखनऊ में बनेगा नया चिकित्सा विश्वविद्यालय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:22 AM IST
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अटल बिहारी वाजपेयी को लोगों ने इस तरह श्रद्घांजलि दी।
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मभूमि और कर्मभूमि केरूप में सीधे जुड़े प्रमुख चार स्थानों को यादगार तोहफा देने जा रही है। प्रदेश कैबिनेट की अगली बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी जा सकती है।
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सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी का उत्तर प्रदेश से सीधा, सक्रिय और हमेशा जीवंत नाता रहा है। वे यहीं पले-बढ़े, पढ़े-लिखे, समाजसेवा और राजनीति की तथा देश-दुनिया में यूपी को उच्चतम प्रतिष्ठा दिलाई। प्रदेश सरकार उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं के एलान की तैयारी कर रही है।
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राजधानी लखनऊ से अटलजी कई बार सांसद रहे। यहां से सांसद रहते ही वे तीन-तीन बार प्रधानमंत्री बने। सरकार अटलजी के नाम पर लखनऊ में एक नए चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना का एलान कर सकती है।
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बलरामपुर से अटलजी पहली बार सांसद निर्वाचित हुए थे। बलरामपुर में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय का सेटेलाइट सेंटर स्थापित करने की योजना पर विचार-विमर्श चल रहा है। आगरा के निकट बटेश्वर में अटलजी का जन्म हुआ था। सरकार वहां उनकी याद में स्मारक स्थापित करने जा रही है। अटलजी ने कानपुर के डीएवी कॉलेज में उच्च शिक्षा ग्रहण की थी। डीएवी कॉलेज में उनके नाम पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का प्रस्ताव है। प्रदेश सरकार ने अटलजी के नाम पर एक आयुष विश्वविद्यालय खोलने पर भी विचार कर रही है। हालांकि अभी स्थान तय नहीं हैं।
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पाठ्यक्रम में शामिल होगा अटल का व्यक्तित्व व कृतित्व
सरकार वाजपेयी के बारे में आने वाली पीढ़ी को बताने के लिए पाठ्यक्रम में उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को शामिल करने पर विचार कर रही है। स्कूली शिक्षा से उच्च शिक्षा तक के पाठ्यक्रम में उनके व्यक्तित्व को शामिल करने की योजना है। इसके लिए विभागों की पाठ्यक्रम समितियां निर्णय लेकर सरकार को भेजेंगी।