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चिकित्सा शिक्षकों के लिए खुशखबरी, स्पेशलिस्ट के लिए भी अच्छी खबर

Sun, 18 Jun 2017 05:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 18 Jun 2017 05:37 PM IST
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medical teachers vacancy will fill soon in uttar pradesh
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उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए जल्द ही चिकित्सा शिक्षा भर्ती बोर्ड बनाया जाएगा। इसके जरिए चिकित्सा शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। दरअसल लोक सेवा आयोग से चिकित्सा शिक्षकों की भर्ती में काफी समय लगता है। 

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नवनियुक्त महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. केके गुप्ता ने ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में बताया कि इस समय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों के 21 फीसदी पद रिक्त हैं। 
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प्रोफेसर के कुल 348 सृजित पदों में 246 ही भरे हुए हैं। इनमें भी 134 पदों पर संविदा प्रोफेसर काम कर रहे हैं। एसोसिएट प्रोफेसरों के कुल 491 पदों में से 216 पद यानी 43 फीसदी पद खाली हैं। 275 पद ही भरे हुए हैं। इनमें भी 137 ही नियमित एसोसिएट प्रोफेसर हैं। लेक्चरर के भी 5 फीसदी पद  खाली हैं।
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मेडिकल कॉलेजों में शुरू होगी ई-रजिस्ट्रेशन की सुविधा 
दूसरी बार महानिदेशक बने डॉ. केके गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को सभी प्रकार की जांचों की व्यवस्था की जाएगी। 

जो जांचें मेडिकल कॉलेज में संभव नहीं हैं, वे पीपीपी मोड में सस्ते में कराई जाएंगी। मेडिकल कॉलेजों में ई-अस्पताल योजना लागू की जाएगी। सभी मेडिकल कॉलेजों में ई-रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिलेगी। इससे घर बैठे पंजीकरण कराया जा सकेगा। मेडिकल कॉलेजों में डायलिसिस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को दिलाया जाएगा इन्सेंटिव

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डेमो - फोटो : demo pic

महानिदेशक ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में इस समय रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थिसिया, प्लास्टिक सर्जन, यूरोलॉजिस्ट की सबसे ज्यादा कमी है। 

प्राइवेट मेडिकल कॉलेज इन शिक्षकों को मुंहमांगे वेतन पर अपने यहां ले लेते हैं। अब सरकार भी इन सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को अपने मेडिकल कॉलेजों में रोकने के लिए इन्सेंटिव देगी।  

एमडी करने वाले डॉक्टरों से भराएंगे बॉन्ड
डॉ. गुप्ता ने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमडी करने वाले डॉक्टरों से बॉन्ड भराया जाएगा। इसकी शर्तें जल्द ही तय की जाएंगी। 

एमडी करने के बाद डॉक्टरों को एक से दो साल की सेवा ग्रामीण इलाकों में देनी होगी। उन्होंने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों से काफी कम फीस पर एमडी की पढ़ाई होती है। ऐसे में एमडी करने के बाद डॉक्टरों को समाज की सेवा करनी चाहिए।

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