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बड़ा होगा मेडिकल मोबाइल यूनिट का बेड़ा : मई के अंत तक बढ़ाई जाएंगी 45 गाड़ियां
Mon, 06 May 2019 07:19 PM IST
Amulya Rastogi
अमित यादव, अमर उजाला लखनऊ
अमित यादव, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 06 May 2019 07:19 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश में मेडिकल मोबाइल यूनिट (एमएमयू) के बेड़े में अभी और गाड़ियां बढ़ाई जाएंगी। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों तक इसकी पहुंच को देखते हुए मई महीने के अंत तक इस सेवा में 45 गाड़ियां और शामिल होंगी।
इतना ही नहीं जून महीने तक 44 और गाड़ियां बेड़े से जोड़ने की तैयारी है। अभी 53 जिलों में 125 एमएमयू का संचालन हो रहा है। नई गाड़ियां मिलने के बाद संख्या 214 हो जाएगी।
प्रदेश में सचल चिकित्सा इकाई का संचालन कर रही संस्था केएचजी हेल्थ सर्विसेज के सीईओ जितेंद्र वालिया ने बताया कि एमएमयू का उद्देश्य ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उनके दरवाजे तक पहुंचाना है। तीन महीने से कम समय में 1.69 लाख से अधिक मरीजों को फ्री इलाज मुहैया कराया जा चुका है।
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इतना ही नहीं जून महीने तक 44 और गाड़ियां बेड़े से जोड़ने की तैयारी है। अभी 53 जिलों में 125 एमएमयू का संचालन हो रहा है। नई गाड़ियां मिलने के बाद संख्या 214 हो जाएगी।
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प्रदेश में सचल चिकित्सा इकाई का संचालन कर रही संस्था केएचजी हेल्थ सर्विसेज के सीईओ जितेंद्र वालिया ने बताया कि एमएमयू का उद्देश्य ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उनके दरवाजे तक पहुंचाना है। तीन महीने से कम समय में 1.69 लाख से अधिक मरीजों को फ्री इलाज मुहैया कराया जा चुका है।
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इसमें बरेली में सबसे ज्यादा 9009 मरीज फिर बहराइच 8119, प्रयागराज 7203, लखनऊ 5277, फैजाबाद 5252 और वाराणसी में 5245 मरीजों को सेवा का लाभ मिला है। मई और जून महीने में 89 एमएमयू बेडे़ में और शामिल की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि इनमें से सबसे अधिक मौसमी बीमारियों के मरीज आ रहे हैं। एमएमयू की टीम ने 19,968 मरीजों की पैथोलॉजी जांच फ्री की हैं। इसमें प्राथमिक उपचार, संक्रामक रोगों की जांच के साथ ही बेसिक लैब टेस्ट, शुगर व ईसीजी की सुविधाएं हैं।
गौरतलब है कि एमएमयू को 18 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इनमें से प्रत्येक में एमबीबीएस डॉक्टर, लैब टेकभनीशियन, फार्मासिस्ट, ड्राइवर व सपोर्टिंग स्टाफ तैनात हैं।
उन्होंने बताया कि इनमें से सबसे अधिक मौसमी बीमारियों के मरीज आ रहे हैं। एमएमयू की टीम ने 19,968 मरीजों की पैथोलॉजी जांच फ्री की हैं। इसमें प्राथमिक उपचार, संक्रामक रोगों की जांच के साथ ही बेसिक लैब टेस्ट, शुगर व ईसीजी की सुविधाएं हैं।
गौरतलब है कि एमएमयू को 18 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इनमें से प्रत्येक में एमबीबीएस डॉक्टर, लैब टेकभनीशियन, फार्मासिस्ट, ड्राइवर व सपोर्टिंग स्टाफ तैनात हैं।
ये हैं सुविधाएं
एमएमयू में गर्भवती महिलाओं का चिह्नीकरण, तनाव, डायबिटीज, एनीमिया, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान, कम वजन वाले शिशुओं का परीक्षण, टीकाकरण, सामान्य बीमारियों का इलाज किया जाता है। इसकेअलावा बच्चों व किशोरों के स्वास्थ्य की निगरानी, दांत, आंख, नाक-कान-गला के इलाज की सुविधा मौजूद है।
ये उपकरण हैं मौजूद
नेबुलाइजर, ईसीजी मशीन, एम्बु बैग, सेमी ऑटोमैटिक बॉयोकेमेस्ट्री एनेलाइजर, ऑटोस्कोप, टोनोमीटर, ग्लूकोमीटर, स्टेलाइजर, व्यू बॉक्स, ऑप्थेल्मोस्कोप, सेंट्रीफ्यूज मशीन, लेरिंजोस्कोप, माइक्रो टाइपिंग सेंट्रीफ्यूज, हीमोग्लोबिन मीटर, इलेक्ट्रिक निडिल डिस्ट्रायर उपकरण एमएमयू में मौजूद हैं।
ये उपकरण हैं मौजूद
नेबुलाइजर, ईसीजी मशीन, एम्बु बैग, सेमी ऑटोमैटिक बॉयोकेमेस्ट्री एनेलाइजर, ऑटोस्कोप, टोनोमीटर, ग्लूकोमीटर, स्टेलाइजर, व्यू बॉक्स, ऑप्थेल्मोस्कोप, सेंट्रीफ्यूज मशीन, लेरिंजोस्कोप, माइक्रो टाइपिंग सेंट्रीफ्यूज, हीमोग्लोबिन मीटर, इलेक्ट्रिक निडिल डिस्ट्रायर उपकरण एमएमयू में मौजूद हैं।