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चिकित्सा संस्थान मिलकर इलाज की सुविधाएं बढ़ाएं : मुख्यमंत्री

Mon, 07 Sep 2020 09:57 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 07 Sep 2020 09:57 PM IST
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Medical institutions should jointly increase treatment facilities: Chief Minister
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने किया केजीएमयू परिसर में 320 शैय्या युक्त कोविड 19 चिकित्सालय का लोकार्पण - फोटो : अमर उजाला
राजधानी में केजीएमयू, लोहिया संस्थान और पीजीआई मिलकर आइसोलेशन वाले बेड को आईसीयू बेड में बदलने का प्रयास करें। इससे मरीजों की जान बचाई जा सकेगी। कोविड मरीजों के साथ ही नॉन कोविड मरीजों के इलाज के लिए ओपीडी भी शुरू करें। तीनों संस्थान मिलकर नए नया मॉडल तैयार करें, जो पूरे देश को दिशा दे। यह बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही। वह सोमवार शाम केजीएमयू के डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि केजीएमयू में प्रतिदिन 10 हजार से ज्यादा मरीज आते हैं। ऐसे में कोविड अस्पताल अलग होने के बाद नॉन कोविड मरीजों के लिए ओपीडी शुरू करने के प्रयास होने चाहिए। उन्होंने कहा कि तीनों संस्थान मिलकर दूसरे जिलों की आईसीयू के संचालन में मदद करें। एसजीपीजीआई ने इसकी शुरुआत की है। केजीएमयू और लोहिया संस्थान भी कुछ जिलों को वर्चुअल प्लेटफार्म के जरिए मदद करें। लखनऊ में चिकित्सा सुविधाएं ज्यादा हैं। यहां के संस्थानों को पूरे प्रदेश के मरीजों को ध्यान में रखकर चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करना होगा। सरकार हर स्तर पर मदद करेगी। उन्होंने कहा कि कोविड के बहाने चिकित्सा क्षेत्र में आधारभूत ढांचा का भी विकार हो रहा है। उन्होंने गोरखपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कोविड मरीजों के लिए 10 बेड थे। अब 300 बेड का डेडिकेटेड अस्पताल है।
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इसी तरह तीनों के पास एक हजार बेड हों। आइसोलेशन वाले बेड को आईसीयू बनाना होगा। भारत सरकार भी सहयोग कर रही है। केजीएमयू को पूरे प्रदेश में जांच सुविधाओं की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 23 मार्च को केजीएमयू ने सिर्फ 70 सैंपल की जांच की थी। अब प्रतिदिन करीब डेड़ लाख सैंपल की जांच हो रही है। प्रदेश के सभी जिलों में कमांड सेंटर बनाया गया है। आधी एंबुलेंस को सिर्फ कोविड मरीजों के लिए लगाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरे प्रदेश में कोविड की सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। नोएडा के बाद गोंडा और गोरखपुर में कोविड हास्पिटल के बाद केजीएमयू में भी इसकी शुरुआत हो गई है। 15 मार्च से प्रतिदिन दो से ढाई घंटे कोविड मरीजों के लिए दे रहे हैं। इस दौरान यह पता चल जाता है कि कौन कितना काम कर रहा है। उन्होंने केजीएमयू की टीम का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि यह प्रदेश ही नहीं देश का सर्वोच्च संस्थान हैं।
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बीमारी को लेकर मरीज को तनाव न होने दें
मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों का आह्वान करते हुए कहा कि कोरोना को लेकर तनाव बढ़ने से रोकने की भी जिम्मेदारी निभाएं। मरीज ठीक होकर जाएंगे तो दुआएं मिलेंगी। मरीज को भरोसा दें कि वह इस बीमारी पर नियंत्रण पा लेंगे। उसे समझाएं कि भयभीत न हों। इस बात का ध्यान रखें कि मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग में चूक न होने पाए।

1000 बैड तैयार करें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केजीएमयू लोहिया संस्थान और पीजीआई मिलकर लेवल 3 के 1000 नए बेड तैयार करें। इसमें ज्यादातर आईसीयू वाले बेड बनाए जाएं।। इसका फायदा पूरे प्रदेश को मिलेगा। क्योंकि करोना महामारी कब तक चलेगी इस पर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। हमें आईसीयू की सुविधाएं लगातार बढ़ानी होंगी।

मरीजों को मिलेगी राहत, एक ही छत के नीचे होंगे सभी सुविधाएं

Medical institutions should jointly increase treatment facilities: Chief Minister
डेमो - फोटो : डेमो
केजीएमयू का कोविड हॉस्पिटल शुरू होने से मरीजों को राहत मिलेगी। मुख्य परिसर में स्थित विभागों में इलाज शुरू हो सकेगा तो कोविड हॉस्पिटल में एक छत के नीचे मरीजों को सभी सुविधाएं मिल सकेंगी। करीब तीन माह के इंतजार के बाद सोमवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिंब सेंटर में बनाए गए केजीएमयू के कोविड हॉस्पिटल का लोकार्पण किया। इस अस्पताल में 320 बेड का इंतजाम किया गया है। इसमें 20 बेड का प्राइवेट रूम भी है। यहां मरीजों के साथ ही चिकित्सकों और कर्मचारियों के रुकने का भी इंतजाम किया गया है।
 
पांच विभागों को शिफ्ट करके बनाया गया अस्पताल
केजीएमयू के लिंब सेंटर में कोविड हॉस्पिटल बनाने के लिए यहां पहले से चल रहे पांच विभागों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया गया है। इसमें हड्डी रोग विभाग, गठिया विभाग, बाल हड्डी रोग विभाग, पीएमआर, स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग शामिल है। इन विभागों को मुख्य भवन में अलग-अलग स्थानों पर शिफ्ट करके लिंब सेंटर को खाली कराया गया। कुलपति डॉ. बिपिन पुरी ने बताया कि अभी मुख्य परिसर में संक्रामक रोग यूनिट में कोरोना के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। इससे दूसरी बीमारी से पीड़ितों को इलाज उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही है। अब कोविड मरीजों की भर्ती एक किनारे कर दी है। इससे दूसरे मर्ज से पीड़ितों की भर्ती आसान होगी।

जांच की सुविधा होगी
लिंब सेंटर में बने अस्पताल मे एक ही स्थान पर एक्स-रे, ईको व अल्ट्रासाउंड आदि की सुविधा होगी। गुर्दा रोगियों को डायलिसिस की सुविधा भी मिलेगी।

शव रखने की व्यवस्था
इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले कोरोना मरीजों का शव रखने की व्यवस्था है। यहां कोल्ड रूम रूम बनाया गया है। इसमें शव रखने की व्यवस्था है।

नवजात शिशु को मिलेगा इलाज
कोरोना संक्रमित नवजात शिशुओं को बेहतर इलाज मिलेगा। इसके लिए पीआईसीयू छह बेड है। वहीं (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) एनआईसीयू में छह बेड हैं।

लिंब सेंटर में ये होंगी सुविधाएं
- कुल बेड 320
- प्राइवेट रूम 20
- आईसीयू में 100 बेड
- ऑपरेशन थिएटर 4
- लेबर रूम एक
- हॉस्पिटल में ही पैथोलॉजी व माइक्रोबायोलॉजी लैब भी होगी।
- अस्पताल में फार्मेसी की व्यवस्था।
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