नांगल गांव रेप केस: बसपा सुप्रीमो मायावती की मांग, दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें
मायावती ने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली कैंट के नांगल गांव में 9 वर्षीय दलित लड़की की रेप के बाद नृशंस हत्या व फिर उसके शव को जला देने की घटना अति-दुःखद व शर्मनाक है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने दिल्ली कैंट के नांगल गांव में एक नौ वर्ष की लड़की की सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना अति दुखद और शर्मनाक है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली कैंट के नांगल गांव में नौ वर्षीय दलित लड़की की दुष्कर्म के बाद नृशंस हत्या व फिर उसके शव को जला देने की घटना अति-दुःखद व शर्मनाक है।
दोषियों के विरुद्ध अविलम्ब सख्त कार्रवाई करने व ऐसी घटनाओं की पुनरावृति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की बसपा मांग करती है।
दिल्ली कैण्ट के नागल गाँव में 9 वर्षीय दलित लड़की की रेप के बाद उसकी नृशंस हत्या व फिर उसके शव को जला देने की घटना अति-दुःखद व शर्मनाक। दोषियों के विरुद्ध अविलम्ब सख्त कार्रवाई करने व ऐसी घटनाओं की पुनरावृति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की बीएसपी की माँग।
विज्ञापन विज्ञापन— Mayawati (@Mayawati) August 4, 2021
दरअसल, सामूहिक दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को जहां पीड़ित बच्ची के परिजनों से मिलने के लिए कई पार्टियों के नेता पहुंचे, वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार सुबह पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार के लोगों को अपनी गाड़ी में बिठाकर बात की। यह मुलाकात दस मिनट से भी ज्यादा समय की रही।
परिवार से मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा, मैंने परिवार से बात की। उन्हें सिर्फ न्याय चाहिए और कुछ नहीं। उनकी मदद की जानी चाहिए। हम वह करेंगे। मैं उनके साथ खड़ा हूं। राहुल गांधी तब तक उनके साथ खड़ा है जब तक कि उन्हें न्याय नहीं मिल जाता।
बसपा के सम्मेलनों से बौखला कर भाजपा अब लगा रही तरह तरह की पाबंदियां
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा है कि बहुजन समाज पार्टी के प्रबुद्ध वर्ग विचार गोष्ठी एवं सम्मेलनों की सफलता से भाजपा सरकार बौखला गई है और अब इन सम्मेलनों पर नई नई पाबंदियां लगाई जा रही हैं। हैरत की बात यह है कि भाजपा नेताओं पर नियमों की कोई पाबंदी नहीं है और उन्हें सभी नियमों की धज्जियां उड़ाने की पूरी छूट है।
बुधवार को लखनऊ में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि बसपा ने इन सम्मेलनों का आयोजन खास तौर पर ब्राह्मणों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अयोध्या से शुरू किया है। इन कार्यक्रमों को अब तक अच्छी खासी सफलता मिली है। चारों तरफ इन कार्यक्रमों की चर्चा है।
इनमें प्रबुद्घ वर्ग की जबरदस्त भागीदारी देखकर भाजपा ने इसे खतरे की घंटी मान लिया है। यह इसलिए भी प्रतीत हो रहा है क्योंकि भाजपा ने इन कार्यक्रमों के विरुद्घ अब सरकारी मशीनरी का खुलकर दुरुपयोग करना शुरू कर दिया है। उसकी स्थिति खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसी हो गई है ।
सभी सम्मेलन सरकारी अनुमति के बाद और कोविड-19 के नियमों के पालन के साथ हो रहे हैं । बावजूद इसके सरकार उन्हें नई पाबंदियों में बांधना शुरू कर दिया है। कुछ जगह शिकायतें मिली है कि प्रशासन वहां कह रहा है कि ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे। केवल राजनीतिक एवं जातिगत द्वेष के कारण ऐसा किया जा रहा है। कासगंज में हुए सम्मेलन के बाद बसपा पदाधिकारी और सदस्यों पर जबरदस्ती केस दर्ज कर दिया गया ताकि उन्हें डराया जा सके । दबाव बनाया जा सके। इससे लोगों में बीजेपी के प्रति और गुस्सा बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि केवल ब्राह्मण समाज ही नहीं बल्कि पूरा देश यह देख रहा है कि भाजपा के नेताओं पर कोई पाबंदी नहीं है और वह कहीं भी खुलकर कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सम्मेलन कर लेते हैं। उन पर कोई नियम नहीं लगाया जाता । उन्हें हर तरह के कार्यक्रमों में छूट है। जनता यह बर्दाश्त नहीं करेगी।