{"_id":"5f1fd790566b6972152acc5e","slug":"mayawati-tweets-on-castism-in-crematorium","type":"story","status":"publish","title_hn":"दलित महिला का शव चिता से हटा दिया क्योंकि श्मशान उच्च वर्ग का था, मायावती ने जताया आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दलित महिला का शव चिता से हटा दिया क्योंकि श्मशान उच्च वर्ग का था, मायावती ने जताया आक्रोश
Tue, 28 Jul 2020 01:32 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 28 Jul 2020 01:32 PM IST
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती।
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में एक महिला का शव चिता पर से सिर्फ इसलिए हटा दिया गया क्योंकि वह श्मशान घाट उच्च जाति के लोगों का था। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने इस पर नाराजगी जताते हुए जांच की मांग की है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि आगरा के पास एक दलित महिला का शव वहां जातिवादी मानसिकता रखने वाले उच्च वर्गों के लोगों ने सिर्फ इसलिए चिता से हटा दिया क्योंकि वह श्मशान घाट उच्च वर्ग के लोगों का था। यह अतिशर्मनाक व अतिनिन्दनीय है।
इस जातिवादी घृणित मामले की यूपी सरकार द्वारा उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिये और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि प्रदेश में ऐसी घटना की फिर से पुनरावृत्ति ना हो सके बसपा की यह पुरजोर मांग है।
विज्ञापन
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के दलित परिवार में जन्मे दिल्ली के एक डॉक्टर की कोरोना से हुई मौत अति-दुःखद है। दिल्ली सरकार को भी अपनी जातिवादी मानसिकता को त्यागकर उसके परिवार की पूरी आर्थिक मदद जरूर करनी चाहिये जिन्होंने कर्जा लेकर उसे पढ़ाया और डॉक्टर बनाया।
विज्ञापन
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि आगरा के पास एक दलित महिला का शव वहां जातिवादी मानसिकता रखने वाले उच्च वर्गों के लोगों ने सिर्फ इसलिए चिता से हटा दिया क्योंकि वह श्मशान घाट उच्च वर्ग के लोगों का था। यह अतिशर्मनाक व अतिनिन्दनीय है।
विज्ञापन
इस जातिवादी घृणित मामले की यूपी सरकार द्वारा उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिये और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि प्रदेश में ऐसी घटना की फिर से पुनरावृत्ति ना हो सके बसपा की यह पुरजोर मांग है।
विज्ञापन
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के दलित परिवार में जन्मे दिल्ली के एक डॉक्टर की कोरोना से हुई मौत अति-दुःखद है। दिल्ली सरकार को भी अपनी जातिवादी मानसिकता को त्यागकर उसके परिवार की पूरी आर्थिक मदद जरूर करनी चाहिये जिन्होंने कर्जा लेकर उसे पढ़ाया और डॉक्टर बनाया।
1. यू.पी. में आगरा के पास एक दलित महिला का शव वहाँ जातिवादी मानसिकता रखने वाले उच्च वर्गों के लोगों ने इसलिए चिता से हटा दिया, क्योंकि वह शमशान-घाट उच्च वर्गों का था, जो यह अति-शर्मनाक व अति-निन्दनीय भी है। 1/3
— Mayawati (@Mayawati) July 28, 2020
3. साथ ही, मध्यप्रदेश के दलित परिवार में जन्मे दिल्ली के एक डाक्टर की कोरोना से हुई मौत अति-दुःखद। दिल्ली सरकार को भी अपनी जातिवादी मानसिकता को त्यागकर उसके परिवार की पूरी आर्थिक मदद जरूर करनी चाहिये, जिन्होंने कर्जा लेकर उसे डाक्टरी की पढ़ाई कराई। 3/3
— Mayawati (@Mayawati) July 28, 2020