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मेरठ एसपी के वायरल वीडियो पर छिड़ा संग्राम, अब मायावती ने की न्यायिक जांच की मांग
Sun, 29 Dec 2019 09:43 AM IST
शाहरुख खान
ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 29 Dec 2019 09:43 AM IST
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फाइल फोटो
उत्तर प्रदेश के मेरठ के एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह के शनिवार को वायरल हुए वीडियो से बवाल मच गया है। डियो वायरल होने के बाद दिग्गज नेताओं के बीच भी बहस छिड़ी है। कई राजनीतिक दलों की तरफ से मेरठ एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह की आलोचना हो रही है।
शनिवार को प्रियंका गांधी ने तीखी आलोचना की तो रविवार की सुबह बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है, साथ ही मेरठ एसपी सिटी को बर्खास्त करने की भी मांग की है।
मायावती ने ट्वीट कर लिखा 'उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में वर्षों से रह रहे मुसलमान भारतीय है ना कि पाकिस्तानी यानि CAA/NRC के विरोध-प्रदर्शन के दौरान खासकर उत्तर प्रदेश के मेरठ SP सिटी द्वारा उनके प्रति साम्प्रदायिक भाषा/टिप्पणी करना अति निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है'।
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'ऐसे सभी पुलिसकर्मियों की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए और दोषी होने के सही सबूत मिलने पर फिर उनको तुरंत नौकरी से बर्खास्त करना चाहिए। बीएसपी की यह मांग है'।
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शनिवार को प्रियंका गांधी ने तीखी आलोचना की तो रविवार की सुबह बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है, साथ ही मेरठ एसपी सिटी को बर्खास्त करने की भी मांग की है।
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मायावती ने ट्वीट कर लिखा 'उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में वर्षों से रह रहे मुसलमान भारतीय है ना कि पाकिस्तानी यानि CAA/NRC के विरोध-प्रदर्शन के दौरान खासकर उत्तर प्रदेश के मेरठ SP सिटी द्वारा उनके प्रति साम्प्रदायिक भाषा/टिप्पणी करना अति निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है'।
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'ऐसे सभी पुलिसकर्मियों की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए और दोषी होने के सही सबूत मिलने पर फिर उनको तुरंत नौकरी से बर्खास्त करना चाहिए। बीएसपी की यह मांग है'।
1. उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में वर्षों से रह रहे मुसलमान भारतीय है ना कि पाकिस्तानी अर्थात् CAA/NRC के विरोध-प्रदर्शन के दौरान खासकर उत्तर प्रदेश के मेरठ SP सिटी द्वारा उनके प्रति साम्प्रदायिक भाषा/टिप्पणी करना अति निन्दनीय व दुर्भाग्यपूर्ण।
— Mayawati (@Mayawati) December 29, 2019
2. ऐसे सभी पुलिसकर्मियों की उच्च स्तरीय न्यायिक जाँच होनी चाहिये और दोषी होने के सही सबूत मिलने पर फिर उनको तुरन्त नौकरी से बर्खास्त करना चाहिये। बी.एस.पी. की यह माँग है।
— Mayawati (@Mayawati) December 29, 2019
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वहीं, इससे पहले केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि अगर यह वीडियो सच है तो यह निंदनीय है और इस पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'किसी भी स्तर पर हिंसा, पुलिस द्वारा हो या भीड़ द्वारा, यह अस्वीकार्य है। यह लोकतांत्रिक देश का हिस्सा नहीं हो सकता। पुलिस को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जो निर्दोष हैं, वे पीड़ित न हों।'
आपको बता दें कि शनिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने वीडियो वायरल होने पर भाजपा को घेरा था। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि भाजपा ने संस्थाओं में इस कदर साम्प्रदायिक जहर घोला है कि आज अफसरों को संविधान की कसम की कोई कद्र ही नहीं है।
प्रियंका गांधी ने मेरठ में अफसर का वीडियो ट्वीट कर लिखा कि भारत का संविधान किसी भी नागरिक के साथ इस भाषा के प्रयोग की इजाजत नहीं देता और जब आप अहम पद पर बैठे अधिकारी हैं तब तो जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
उन्होंने आगे लिखआ कि भाजपा ने संस्थाओं में इस कदर साम्प्रदायिक जहर घोला है कि आज अफसरों को संविधान की कसम की कोई कद्र ही नहीं है।
Union Minister Mukhtar Abbas Naqvi on viral video of Meerut SP: If it is true that he made that statement in the video, then it is condemnable. Immediate action must be taken against him. (28.12.2019) pic.twitter.com/gkb0od3tBs
— ANI (@ANI) December 29, 2019
आपको बता दें कि शनिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने वीडियो वायरल होने पर भाजपा को घेरा था। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि भाजपा ने संस्थाओं में इस कदर साम्प्रदायिक जहर घोला है कि आज अफसरों को संविधान की कसम की कोई कद्र ही नहीं है।
प्रियंका गांधी ने मेरठ में अफसर का वीडियो ट्वीट कर लिखा कि भारत का संविधान किसी भी नागरिक के साथ इस भाषा के प्रयोग की इजाजत नहीं देता और जब आप अहम पद पर बैठे अधिकारी हैं तब तो जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
उन्होंने आगे लिखआ कि भाजपा ने संस्थाओं में इस कदर साम्प्रदायिक जहर घोला है कि आज अफसरों को संविधान की कसम की कोई कद्र ही नहीं है।
गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर 20 दिसंबर को मेरठ शहर में हुए उपद्रव के बाद सोशल मीडिया पर मेरठ के एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह का वीडियो वायरल हो गया। जिसमें वह अटपटे बोल बोलते हुए दिख रहे हैं। वीडियो एक मिनट 43 सेकेंड का है।
अफसर के हाथ में डंडा और हेलमेट है। बॉडी प्रोटेक्टर जैकेट पहनकर गली में जाते दिखाई पड़ रहे हैं। वह मोबाइल से वीडियो बनाते हुए गली में वापस मुड़ते हैं। एक समुदाय के लोगों से कहते हैं कि जो हो रहा है वह ठीक नहीं है।
इस पर वहां खड़ा एक व्यक्ति कहता है कि जो लोग माहौल बिगाड़ रहे हैं, वह गलत हैं। इस पर एसपी सिटी कहते हैं कि उनको कह दो वह दूसरे मुल्क चले जाएं। कोई गलत बात मंजूर नहीं होगी।
इस दौरान उन्होंने कहा, यह गली मुझे याद हो गई है। जो एक बार याद कर लेता हूं तो उसे भूलता नहीं हूं। एक- एक आदमी को जेल भेज दूंगा। सुन लिया न। इसके बाद वह फोर्स के साथ चले जाते हैं। उल्लेखनीय है कि नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में मेरठ में 20 दिसंबर को भारी बवाल हुआ था। मेरठ में गोली लगने से पांच युवकों की मौत हो गई थी।
अफसर के हाथ में डंडा और हेलमेट है। बॉडी प्रोटेक्टर जैकेट पहनकर गली में जाते दिखाई पड़ रहे हैं। वह मोबाइल से वीडियो बनाते हुए गली में वापस मुड़ते हैं। एक समुदाय के लोगों से कहते हैं कि जो हो रहा है वह ठीक नहीं है।
इस पर वहां खड़ा एक व्यक्ति कहता है कि जो लोग माहौल बिगाड़ रहे हैं, वह गलत हैं। इस पर एसपी सिटी कहते हैं कि उनको कह दो वह दूसरे मुल्क चले जाएं। कोई गलत बात मंजूर नहीं होगी।
इस दौरान उन्होंने कहा, यह गली मुझे याद हो गई है। जो एक बार याद कर लेता हूं तो उसे भूलता नहीं हूं। एक- एक आदमी को जेल भेज दूंगा। सुन लिया न। इसके बाद वह फोर्स के साथ चले जाते हैं। उल्लेखनीय है कि नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में मेरठ में 20 दिसंबर को भारी बवाल हुआ था। मेरठ में गोली लगने से पांच युवकों की मौत हो गई थी।
एडीजी प्रशांत कुमार ने एसपी का किया था बचाव
वीडियो वायरल होने के बाद मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने भी एसपी का बचाव करते हुए कहा था कि वायरल हुई वीडियो बीते 20 दिसंबर को मेरठ शहर में हुए उपद्रव के बाद की है। उन्होंने बताया था कि इसमें तथ्य यह है कि वहां भारत विरोधी एवं पड़ोसी देश जिंदाबाद के नारे लग रहे थे और कुछ लोग पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के आपत्त्तिजनक पर्चे बांट रहे थे।