मेरठ एसपी के वायरल वीडियो पर छिड़ा संग्राम, अब मायावती ने की न्यायिक जांच की मांग
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शनिवार को प्रियंका गांधी ने तीखी आलोचना की तो रविवार की सुबह बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है, साथ ही मेरठ एसपी सिटी को बर्खास्त करने की भी मांग की है।
मायावती ने ट्वीट कर लिखा 'उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में वर्षों से रह रहे मुसलमान भारतीय है ना कि पाकिस्तानी यानि CAA/NRC के विरोध-प्रदर्शन के दौरान खासकर उत्तर प्रदेश के मेरठ SP सिटी द्वारा उनके प्रति साम्प्रदायिक भाषा/टिप्पणी करना अति निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है'।
'ऐसे सभी पुलिसकर्मियों की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए और दोषी होने के सही सबूत मिलने पर फिर उनको तुरंत नौकरी से बर्खास्त करना चाहिए। बीएसपी की यह मांग है'।
1. उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में वर्षों से रह रहे मुसलमान भारतीय है ना कि पाकिस्तानी अर्थात् CAA/NRC के विरोध-प्रदर्शन के दौरान खासकर उत्तर प्रदेश के मेरठ SP सिटी द्वारा उनके प्रति साम्प्रदायिक भाषा/टिप्पणी करना अति निन्दनीय व दुर्भाग्यपूर्ण।
— Mayawati (@Mayawati) December 29, 2019
2. ऐसे सभी पुलिसकर्मियों की उच्च स्तरीय न्यायिक जाँच होनी चाहिये और दोषी होने के सही सबूत मिलने पर फिर उनको तुरन्त नौकरी से बर्खास्त करना चाहिये। बी.एस.पी. की यह माँग है।
— Mayawati (@Mayawati) December 29, 2019
Union Minister Mukhtar Abbas Naqvi on viral video of Meerut SP: If it is true that he made that statement in the video, then it is condemnable. Immediate action must be taken against him. (28.12.2019) pic.twitter.com/gkb0od3tBs
— ANI (@ANI) December 29, 2019
आपको बता दें कि शनिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने वीडियो वायरल होने पर भाजपा को घेरा था। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि भाजपा ने संस्थाओं में इस कदर साम्प्रदायिक जहर घोला है कि आज अफसरों को संविधान की कसम की कोई कद्र ही नहीं है।
प्रियंका गांधी ने मेरठ में अफसर का वीडियो ट्वीट कर लिखा कि भारत का संविधान किसी भी नागरिक के साथ इस भाषा के प्रयोग की इजाजत नहीं देता और जब आप अहम पद पर बैठे अधिकारी हैं तब तो जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
उन्होंने आगे लिखआ कि भाजपा ने संस्थाओं में इस कदर साम्प्रदायिक जहर घोला है कि आज अफसरों को संविधान की कसम की कोई कद्र ही नहीं है।
अफसर के हाथ में डंडा और हेलमेट है। बॉडी प्रोटेक्टर जैकेट पहनकर गली में जाते दिखाई पड़ रहे हैं। वह मोबाइल से वीडियो बनाते हुए गली में वापस मुड़ते हैं। एक समुदाय के लोगों से कहते हैं कि जो हो रहा है वह ठीक नहीं है।
इस पर वहां खड़ा एक व्यक्ति कहता है कि जो लोग माहौल बिगाड़ रहे हैं, वह गलत हैं। इस पर एसपी सिटी कहते हैं कि उनको कह दो वह दूसरे मुल्क चले जाएं। कोई गलत बात मंजूर नहीं होगी।
इस दौरान उन्होंने कहा, यह गली मुझे याद हो गई है। जो एक बार याद कर लेता हूं तो उसे भूलता नहीं हूं। एक- एक आदमी को जेल भेज दूंगा। सुन लिया न। इसके बाद वह फोर्स के साथ चले जाते हैं। उल्लेखनीय है कि नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में मेरठ में 20 दिसंबर को भारी बवाल हुआ था। मेरठ में गोली लगने से पांच युवकों की मौत हो गई थी।