जन्मदिन पर माया को मिला खास 'सियासी तोहफा'
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरूवार को अपना 59वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर उन्हें बधाई तो राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राज्यपाल राम नाईक सहित तमाम सियासी और गैर सियासी लोगों से मिली लेकिन असली सौगात रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह ने दी।
मायावती ने एमएलसी चुनाव में रालोद द्वारा पार्टी के तीसरे प्रत्याशी के लिए सहयोग देने की जानकारी खुद दी। उन्होंने अजित सिंह के प्रति आभार भी जताया। मायावती ने बताया कि सिंह ने अपने एक वरिष्ठ नेता के जरिये जन्मदिन पर गुलदस्ता भेजा है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि बसपा और रालोद के बीच इस समझ को 2017 के विधानसभा चुनाव से नहीं जोड़ना चाहिए। राज्यपाल राम नाईक ने भी मायावती को गुलदस्ता भिजवाया। बताते चलें रालोद का समर्थन बसपा के लिए इसलिए बेहद मायने रखता है क्योंकि बसपा एमएलसी चुनाव में अपनी तीसरी सीट जीतकर 2012 के विधानसभा चुनाव से मिल रही लगातार पराजय को रोकना चाहती है।
एक अतिरिक्त सीट की जीत भले ही उतनी मायने न रखती हो लेकिन तीसरी सीट की जीत का कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए बड़ा मनोवैज्ञानिक महत्व है।
अखिलेश सरकार की बखिया उधेड़ी
वहीं, मायावती ने अपना जन्मदिन सियासी विरोधियों पर तगड़े हमले बोलकर मनाया। उनके निशाने पर केंद्र की भाजपा और प्रदेश की सपा सरकार रही। उन्होंने यहां प्रदेश मुख्यालय पर ‘मेरे संघर्षमय जीवन एवं बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा’ नाम की ‘ब्लू बुक’ का विमोचन और पार्टी का नव वर्ष का कैलेंडर जारी किया।
पार्टी ने जन कल्याणकारी दिवस के रूप में इस दिन को मनाते हुए हर जिला मुख्यालय पर सम्मेलन व गरीबों, असहायों की मदद के कार्यक्रम किए। मायावती ने सपा सरकार पर बरसते हुए कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर उसे पूरी तरह विफल करार दिया।
कहा कि इसका सबसे ज्यादा खामियाजा बसपा नेता व कार्यकर्ता भुगत रहे हैं। अलीगढ़ के अतरौली विधानसभा के प्रत्याशी धर्मेंद्र चौधरी की हत्या का मायावती ने खास तौर से जिक्र किया। कहा कि सूबे के इसी हाल से कोई निवेशक नहीं आ रहा है।
मुख्यमंत्री व अफसरों को दूसरे राज्यों में जाकर मिन्नतें करनी पड़ रही हैं। मलिहाबाद में जहरीली शराब से 48 लोगों की मौत और उन्नाव में 100 से ज्यादा लावारिस लाशें मिलने का हवाला देते हुए कहा कि इन घटनाओं से जनता भयभीत है। उन्होंने उन्नाव मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
दिल्ली में सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ेगी बसपा
मायावती ने सपा और केंद्र की भाजपा सरकार पर मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्वार्थों के लिए इनके बीच जिस तरह से मधुर संबंध विकसित हुए हैं उससे नहीं लगता कि राज्यपाल व केंद्र की सरकार प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाकर लोगों को इस मुश्किल से बाहर लाने का काम करेंगे।
प्रदेश की चिंताजनक हालत के लिए सपा सरकार के साथ केंद्र की पिछली कांग्रेस सरकार की तरह मौजूदा भाजपा सरकार भी जिम्मेदार है। वह मोदी सरकार पर भी जमकर बरसीं। कहा कि इस साढ़े सात महीने में किसी ओर से अच्छे दिन आते नजर नहीं आए। इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव सतीशचंद्र मिश्र और पूर्व सांसद बृजेश पाठक भी मौजूद थे।
मायावती ने दिल्ली विधानसभा चुनाव का अभियान शुरू करने का ऐलान किया। कहा कि पार्टी वहां विधानसभा की सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने भाजपा पर लोकसभा चुनाव की तरह दिल्ली में भी प्रलोभन भरे सपने दिखाकर लोगों को गुमराह कर सत्ता पाने की कोशिश करने और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल पर आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगाया। मायावती ने दिल्ली के मतदाताओं को आगाह किया कि वे दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने की गलती न होने दें।
सफाई भी दी, पार्टी से अभी और होंगे बाहर
मायावती ने पार्टी द्वारा पैसा लेकर टिकट देने और अपने दलित वोट बैंक को बचाने के नाम पर अपने विरोधियों की बिना वजह आलोचना से जुड़े सवाल पर सफाई भी दी। आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि पार्टी का दलित वोटबैंक पहले की तरह एकजुट है।
दूसरी पार्टियां ही इन वर्गों के प्रति अपनी कमियां छिपाने के लिए यह सब गलत बयानबाजी कर रही हैं। उन्होंने पार्टी के राज्यसभा सांसद जुगुल किशोर का बिना नाम लिए कहा कि जो विधानसभा का आम चुनाव नहीं जीत सके वे पार्टी को अंधेरे में रखकर विधान परिषद व राज्यसभा तक पहुंच गए।
लेकिन जिन्होंने भी पार्टी में रहकर जिम्मेदारी को ईमानदारी से नहीं निभाया वे कुदरती पतझड़ की तरह खुद ही जमीन पर आ रहे हैं। जो लोग किसी कारणवश अब तक जमीन पर नहीं आए हैं उनमें से एक-एक को जमीन पर लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पैसा लेकर टिकट देने के आरोप वही लगाते हैं जिन्हें टिकट नहीं मिल पाता।
दही-चूड़ा खाकर दलितों को प्रभावित नहीं कर पाएंगे पीएम
मायावती ने मकर संक्रांति पर केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के घर आयोजित संक्रांति कार्यक्रम में पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दही-चूड़ा खाए जाने पर कटाक्ष किया।
मायावती ने कहा कि कांग्रेस के युवराज की तरह किसी दलित के घर जाकर खिचड़ी या दही-चूड़ा तक प्रधानमंत्री के सीमित रहने से दलित प्रभावित होकर उनकी पार्टी से नहीं जुड़ेगा।
उन्हें इस तरह की ड्रामेबाजी छोड़कर दलितों को अपने पैरों पर खड़ा करने लायक ठोस कदम उठाना चाहिए और संतों, गुरुओं व महापुरुषों का आदर-सम्मान करना होगा। उन्होंने मोदी को दलित व पिछड़ा विरोधी करार दिया।
मोदी से माया की मांगें
- डॉ. भीमराव अंबेडकर के लंदन स्थित किंग हेनरी रोड पर स्थित बंगले को खरीदकर उसे स्मारक घोषित करें। अब यह मकान नीलाम होने वाला है।
- दिल्ली में 26 अलीपुर रोड स्थित उस मकान को भी राष्ट्रीय स्मारक घोषित करें जहां डॉ. अंबेडकर ने काफी वक्त गुजारे और अंतिम सांस ली।
- पेट्रोल व डीजल की कीमत विश्व बाजार के अनुपात में घटाएं या अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में हुई गिरावट से बचत वाली रकम का इस्तेमाल गरीबों व बेरोजगारों की बुनियादी समस्याओं को दूर करने में की जाए।