'यूपी में बना माहौल ही बसपा को दिलाएगा सत्ता'
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रदेश के जोनल को-ऑर्डिनेटरों से कहा है कि वे जनता के बीच जाएं और केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की सपा सरकार की नाकामियों को जन-जन तक पहुंचाएं। वे सोमवार को प्रदेश भर के जोनल को-ऑर्डिनेटरों से मुखातिब थीं। उन्होंने 2017 में यूपी में बसपा सरकार बनने की संभावना जताई।
बसपा प्रदेश कार्यालय में करीब दो घंटे चली इस बैठक में उन्होंने संगठन के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्र की रिपोर्ट पेश की। इसमें आम तौर पर बेलगाम अपराध व कानून-व्यवस्था की बदतर स्थिति के आरोप लगाए गए।
नेताओं ने कहा, सूबे में जंगलराज के हालात हैं जिससे आम लोगों का जीना दूभर हो गया है। बेमौसम बारिश व ओलों से पीड़ित किसानों की मदद के बढ़-चढ़ कर प्रचार किए जा रहे हैं जबकि जमीनी स्तर पर किसानों को ठीक से राहत नहीं मिल पा रही है।
गन्ने का बकाया भुगतान न होने से किसान बेहाल हैं। मायावती ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर घोषित प्रत्याशियों के बारे में भी नेताओं से फीडबैक लिया।
दोनों सरकारों का कच्चा चिट्ठा खोलने की जरूरत
बसपा सुप्रीमो ने केंद्र व प्रदेश सरकार की नाकामियों पर जमकर हमला बोला। कहा, जनता के बीच दोनों ही सरकारों के कच्चे चिट्ठे खोलने की जरूरत है। जनता ने प्रदेश सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है। यह माहौल ही बसपा की वापसी का सबसे बड़ा कारण बन सकता है।
30 तक सेक्टर पदाधिकारियों का काडर कैंप
मायावती ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए सेक्टर व विधानसभा क्षेत्र स्तर पर बनाए गए पदाधिकारियों का काडर कैंप लगाने के निर्देश दिए। इनमें पदाधिकारियों को बताया जाएगा कि वे बूथ स्तर पर संगठन को खड़ा करने में क्या-क्या काम करेंगे।
विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष व सेक्टर अध्यक्ष मिलकर एक जुलाई से बूथों का गठन शुरू करेंगे। विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों से कहा गया है कि वे जिस समाज से आते हैं पहले उस वर्ग को जोड़ें, फिर सर्वसमाज को जोड़ने का काम करें। मसलन ब्राह्मण प्रत्याशी है तो पहले ब्राह्मण समाज को जोड़े। इसके बाद अन्य वर्गों के बीच पैठ बढ़ाए।
राजभर बिहार में सक्रिय होंगे, माया यूपी में
मायावती ने प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर सहित कई वरिष्ठ नेताओं को बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर वहां अपनी सक्रियता बढ़ाने का निर्देश दे दिया है। यूपी की चुनाव तैयारियों की कमान मायावती खुद संभालेंगी। मायावती ने कहा, प्रदेश स्तर पर पार्टी के कामकाज की समीक्षा के बाद अब वह मंडल व जिला स्तर पर संगठन की तैयारियों में जुटेंगी।
इस दौरान पार्टी के मिशनरी कार्यकर्ताओं को जोड़ने पर विशेष काम होगा। बसपा अध्यक्ष मंगलवार को बिहार के पार्टी पदाधिकारियों व प्रदेश प्रभारियों के साथ बैठक कर वहां की चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगी।
सुषमा पर मायावती की सधी प्रतिक्रिया
पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी को वीजा दिलाने के मामले में विपक्ष के आरोपों का सामना कर रहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर मायावती ने सधी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सुषमा से न तो सीधे इस्तीफा मांगा और न ही उन पर कोई टिप्पणी की।
उन्होंने यह कहकर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया कि पहले वर्ष में मोदी सरकार जनहित के मामले में पूरी तरह विफल साबित हुई है। अब दूसरे वर्ष से इस सरकार के नैतिक व अन्य प्रकार के भ्रष्टाचार के मामले उजागर होने लगें तो यह कोई आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए।