पीके पर बोलीं माया, बस फिल्में ही देख रहे हैं अखिलेश!
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पीके पर छिड़े विवाद में यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती भी कूद पड़ी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का वक्त सरकार चलाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में नहीं, फिल्में देखने में बीत रहा है।
पीके पर जब उनसे सवाल पूछा गया, तो वे बोलीं, मैंने अभी फिल्म देखी ही नहीं, मैं कैसे प्रतिक्रिया दे सकती हूं। मायावती ने यहां तक कह दिया कि राजनीति में सक्रिय होने के बाद से आज तक उन्होंने एक भी फिल्म नहीं देखी है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार धन्ना सेठों के हाथ खेल रही है। हाल में भू-अधिग्रहण कानून में बदलाव का उल्लेख करते हुए मायावती ने कहा, मोदी सरकार के सारे फैसले धन्ना सेठों को खुश करने वाले ही होते हैं। उनका तर्क था कि सरकार को सारे राजनीतिक दलों को भरोसे में लेकर कोई बदलाव करना चाहिए था।
बदायूं गैंगरेप शर्मनाक
मायावती ने बदायूं के पुलिस थाने में किशोरी से दो पुलिसकर्मियों के गैंगरेप की वारदात को शर्मनाक बताते हुए कहा कि यूपी में कानून का डर हैही नहीं।
भारत रत्न पर भी उठाए सवाल
बसपा सुप्रीमो ने फिल्म पीके को टैक्स फ्री करने पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। बोलीं, राजनीतिक स्वार्थ में नहीं होने चाहिए फैसले। सैफई महोत्सव पर भी माया ने गुस्सा निकाला और कहा कि ठंड में लोग मर रहे हैं और सैफई में जश्न मनाया जा रहा है।
मायावती ने कहा कि कांग्रेस की तरह बीजेपी भी दलित-पिछड़ा विरोधी पार्टी है। उन्होंने कहा कि एक ही जाति के दो लोगों को मोदी सरकार ने भारतरत्न दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कांशीराम को भारतरत्न न देकर कांग्रेस की तरह दलित-पिछड़ा विरोधी मानसिकता दिखाई है। पिछड़ी जाति के ज्योतिबा फुले को भी भारतरत्न नहीं दिया। मायावती ने सरकार के रवैये की कड़ी निंदा की।
गौरतलब है कि पिछले दिनों मोदी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी और पं. मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न से नवाजा है। इस फैसले की खासी आलोचना भी हुई। इसी तरह अखिलेश यादव ने फिल्म पीके को टैक्स फ्री करके सियासी दांव खेला है। इस पर भी उत्तर प्रदेश में जगह-जगह प्रदर्शन जारी हैं।