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मायावती ने किया चुनावी शंखनाद : कहा सपा, भाजपा सरकार में हुआ ब्राह्मणों का उत्पीड़न, बसपा की सरकार बनने पर नहीं लागू होगा कृषि कानून

Tue, 07 Sep 2021 08:45 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 07 Sep 2021 08:45 PM IST
सार

मायावती ने कहा कि इस बार महापुरुषों की प्रतिमा पार्क या संग्रहालय बनाने में नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की सूरत बदलने में अपनी ताकत लगाएंगे। गुरुओं का सम्मान जरूरी है। इसलिए डंके की चोट पर अपनी सरकार के दौरान महापुरुषों की प्रतिमाएं लगवाईं। संग्रहालय बनवाएं।

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Mayawati's election conch shell: Said that there was harassment of Brahmins in SP, BJP government, agricultural law will not apply if BSP government is formed
बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala

विस्तार

बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में चुनावी शंखनाद करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार बनी तो वह यूपी में कृषि कानूनों को लागू नहीं होने देंगी। साथ ही ब्राह्मणों के सम्मान, स्वामिभान एवं सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाएगा। मायावती मंगलवार को पार्टी राज्य कार्यालय पर प्रबुद्घ वर्ग विचार गोष्ठी यानी ब्राह्मण सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं।

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मायावती ने कहा कि बीजेपी ने किसानों से आमदनी दोगुनी करने का वायदा किया लेकिन किया उल्टा। तीन कृषि कानून लाकर उनकी जमीन छीनने की कोशिश शुरू कर दी। लगभग एक साल से किसान आंदोलन कर रहे हैं। 500ं से ज्यादा किसानों की मृत्यु हो चुकी है पर सरकार नहीं सुन रही हैं। यूपी में बसपा की सरकार बनी तो इन कानूनों को लागू नहीं होने दिया जाएगा। हैरत की बात तो यह है कि हरियाणा में आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया जिससे एक किसान की मृत्यु हो गई और वहां के सीएम इस पर लीपापोती कर रहे हैं।
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कहा कि यूपी में बसपा सरकार थी तो हमने गन्ने का रेट 125 रुपये से बढ़ाकर दोगुना 250 रुपये प्रति क्विंटल किया। सपा और अब भाजपा सरकार ने गन्ना किसानों को पूरी तरह से निराश किया। मायावती जहां 2007 में रही अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं तो वहीं आगे सरकार बनने पर शिक्षकों के लिए एक आयोग गठित करने तथा वित्त विहीन शिक्षक को उचित मानदेय दिलाने, संस्कृत विद्यालयों की दशा सुधारने की भी बात कही।
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बहुत हो रहा है ब्राह्मणों का उत्पीड़न, हम करेेंगे रक्षा
मायावती ने दावा किया कि इस बार सर्व समाज के साथ ब्राह्मणों की जुगलबंदी से उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार बनने जा रही है। बोलीं कि पहले सपा और अब भाजपा सरकार में ब्राह्मणों का बहुत शोषण, उत्पीड़न हुआ। उन्होंने बिना नाम लिए विकास दूबे प्रकरण की तरफ इशारा किया और कहा कि कुछ घटनाएं तो ब्राह्मणों के साथ ऐसी हुई जो राष्ट्रीय स्तर तक चर्चित रहीं। बसपा 2007 की भांति ही ब्राह्मणों को सम्मान देगी एवं उनकी सुरक्षा करेगी। साथ ही बसपा की सरकार बनने पर ऐसे मामलों की जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करेगी। बोलीं कि पार्टी महासचिव सतीश मिश्रा की अगुवाई में जिस तरह से प्रत्येक जिले में सफल प्रबुद्घ गोष्ठियां हुई उससे बाकी दल बौखला गए हैं और उन्हाेंने भी प्रबुद्घ और महिला सम्मेलन करने शुरू कर दिए। अब प्रत्येक जिले में एक एक हजार सक्रिय ब्राह्मण कार्यकर्ता बनेेंगे जो आगे काम करेंगे। आरक्षित सीटों पर खास काम होगा। इस मौके पर पार्टी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने भी संबोधित किया।

मेरठ के मलियाना कांड व मुजफ्फरनगर कांड को ना भूलें मुसलमान
मायावती ने कहा कि मुसलमानों को मेरठ मलियाना कांड व मुजफ्फरनगर कांड को नहीं भूलना चाहिए। कांग्रेस और सपा दोनों की ही सरकारों में मुस्लिमों का यह हाल हुआ था । उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कहते हैं कि हिंदू और मुस्लिमों के पूर्वज एक हैं।  यदि वे ऐसा मानते हैं तो आरएसएस और भाजपा मुस्लिमों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों करती है।

इस बार पार्क, मूर्तियां नहीं, प्रदेश की तस्वीर बदलने में लगेगी ताकत
मायावती ने कहा कि इस बार महापुरुषों की प्रतिमा पार्क या संग्रहालय बनाने में नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की सूरत बदलने में अपनी ताकत लगाएंगे। गुरुओं का सम्मान जरूरी है। इसलिए डंके की चोट पर अपनी सरकार के दौरान महापुरुषों की प्रतिमाएं लगवाईं। संग्रहालय बनवाएं।

नौ अक्टूबर को लखनऊ में आयोजन
मायावती ने मंच से एलान किया कि नौ अक्टूबर को कांशीराम पुण्यतिथि के अवसर पर मंडल स्तर पर कोई आयोजन नहीं होगा। इस बार प्रदेश भर से कार्यकर्ता सीधे लखनऊ आएंगे और कांशीराम पार्क में श्रद्धांजलि देंगे। साथ ही उन्होंने सभी जिलाध्यक्षों तथा कोऑर्डिनेटरों को भी लखनऊ में ही रुकने को कहा ताकि सभी के साथ बुधवार को मंथन किया जा सके।

शंख ध्वनि, जय परशुराम के उदघोष से सम्मेलन का आगाज
सम्मेलन का आगाज शंखनाद एवं जय परशुराम, जय श्रीराम के उद्घोष से किया गया। साथ ही पार्टी के पुराने नारे ‘हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा, विष्णु, महेश  है।’ ‘ब्राह्मण शंख बजाएगा, हाथी बढ़ता जाएगा’ को भी बार बार दोहराया गया।

पता नहीं कब कौन दुनिया से चला जाए
मायावती ने टीवी कलाकार सिद्धार्थ शुक्ला का जिक्र किया। कहा कि देश या दुनिया में कोई नई बीमारी कब आ जाए पता नहीं। कौन छोड़कर चला जाए कहा नहीं जा सकता। हाल ही में कलाकार जिनकी उम्र ज्यादा नहीं थी, देखने में बिल्कुल स्वस्थ थे, उनका निधन हो गया। इसलिए पार्टी कार्यकर्ता सभी कार्यक्रमों में कोविड नियमों का पूरा ख्याल रखें।


कोरोना काल में कार्यक्रम करती तो मुकदमे दर्ज हो जाते
मायावती ने कहा कि मैं दो फरवरी से लखनऊ में हूं और लगातर वहीं से कार्यकर्ताओं की बैठक तथा निर्देश दे रही हूं। यदि बाहर निकलकर बैठक करती तो सरकार जानबूझकर कार्यकर्ताओं पर कोरोना नियमों के उल्लंघन के मुकदमे दर्ज करती। वे कोर्ट कचहरी केचक्कर काटते रहते और चुनावी तैयारी नहीं कर पाते।

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