रोहित को न्याय न मिला तो समझूंगी मोदी नाटकबाज: मायावती
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर निशाना साधा और कहा कि अगर रोहित को न्याय न मिला तो माना जाएगा कि रोहित की मौत पर उनका भावुक होना नाटकबाजी थी और उनके आंसू घड़ियाली आंसू थे। बता दें कि बीते दिनों लखनऊ आए नरेंद्र मोदी छात्र रोहित की आत्महत्या का जिक्र करके भावुक हो गए थे।
बसपा सुप्रीमो ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को भी आड़े हाथों लिया। सुमित्रा के आरक्षण पर समीक्षा के बयान पर भड़की माया ने कहा, ऐसा बयान संकीर्ण मानसिकता का प्रतीक है।
बता दें कि सुमित्रा महाजन ने अहमदाबाद में स्मार्ट सिटी पर हुए एक प्रोग्राम में कहा था कि बाबा साहब ने आरक्षण पर 10 साल बाद समीक्षा करने की बात कही थी। सुमित्रा ने कहा इसकी अवधि बढ़ाते वक्त इस पर चर्चा होनी चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष के इस बयान पर मायावती ने भड़क गईं। उन्होंने कहा जिस देश में जन्म के आधार पर जातिवादी व्यवहार किया जाता हो वहां इसके संवैधानिक निदान को खत्म करने की बात करना अन्याय है। ऐसा करना शोषण, उत्पीड़न और अन्याय को बढ़ावा देना होगा।
‘जातिवाद एक मानसिक रोग’
मायावती ने लखनऊ से बयान जारी करके कहा, बाबा साहब कहते थे, जाति व्यवस्था एक मानसिक रोग है ये अंतरजातीय खान-पान या एक-दो अंतरजातीय शादियां हो जाने से खत्म हो जाने वाली नहीं है।
बाबा साहब के मुताबिक हिंदूत्व आधारित शिक्षाएं इसकी मुख्य वजह हैं। कड़वी चीज को कभी मीठा नहीं बनाया जा सकता। किसी चीज का स्वाद तो बदला जा सकता है लेकिन जहर को अमृत नहीं बनाया जा सकता।
मायावती ने कहा, जातिवादी उत्पीड़न की वजह से हैदराबाद के छात्र ने रोहित ने आत्महत्या की है, ये मामला अभी शांत भी नहीं हुआ और देश के उच्च संवैधानिक पद पर बैठी महिला के बयान ने आग में घी का काम किया है।