जम्मू-कश्मीर में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव न करवाना केंद्र की विफलता: मायावती
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव न करवाने पर ट्वीट कर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कश्मीर नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आमचुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव न करवाना केंद्र सरकार की कश्मीर नीति की विफलता को ही दिखाता है। मायावती ने सवाल किया कि जो सुरक्षा बल लोकसभा चुनाव करा सकते हैं वही उसी दिन वहां विधानसभा चुनाव क्यों नहीं करवा सकते?
गौरतलब है कि सुरक्षा को देखते हुए जम्मू-कश्मीर की छह लोकसभा सीटों पर पांच चरणों में चुनाव करवाए जाएंगे। अतिसंवेदनशील मानी जाने वाली अनंतनाग लोकसभा सीट पर तो तीन चरणों में चुनाव होगा। अनंतनाग आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र है।
मायावती ने भाजपा द्वारा 2014 में दिए गए अच्छे दिनों के नारे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है लेकिन ये भी बताए कि गरीबों, मजदूरों, किसानों व बेरोजगारों से किए गए अच्छे दिन लाने वाले चुनावी वादों का क्या हुआ? उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या हवा-हवाई विकास हवा खाने गया?
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा का आमचुनाव लोकसभा चुनाव के साथ नहीं कराना श्री मोदी सरकार की कश्मीर नीति की विफलता का द्योतक है। जो सुरक्षा बल लोकसभा चुनाव करा सकते हैं वही उसी दिन वहाँ विधानसभा का चुनाव क्यों नहीं करा सकते हैं? केन्द्र का तर्क बेतुका है व बीजेपी का बहाना बचकाना है।
— Mayawati (@Mayawati) March 11, 2019
बीजेपी राष्ट्रवाद व राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर लोकसभा चुनाव लड़ने का ताल ठोक रही है। बीजेपी जो चाहे करे लेकिन पहले करोड़ों गरीबों, मजदूरों, किसानों, बेरोजगारों आदि को बताये कि अच्छे दिन लाने व अन्य लुभावने चुनावी वायदों का क्या हुआ? क्या हवा-हवाई विकास हवा खाने गया?
— Mayawati (@Mayawati) March 11, 2019