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UP: पीडीए के जवाब में मुस्लिमों को साधने की मुहिम, मायावती ने सीएम योगी की तारीफ कर नई सियासी बहस को दिया जन्म
Fri, 10 Oct 2025 08:19 AM IST
शाहरुख खान
अशोक मिश्रा, अमर उजाला, लखनऊ
अशोक मिश्रा, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 10 Oct 2025 08:19 AM IST
सार
लखनऊ में आयोजित रैली में बसपा सुप्रीमो मायावती ने पीडीए के जवाब में मुस्लिम वोट बैंक को साधने की कोशिश की। इसके अलावा बसपा सुप्रीमो मायावती ने रैली में सीएम योगी की तारीफ कर नई सियासी बहस को जन्म दिया है।
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रैली में बसपा सुप्रीमो मायावती ने समर्थकों का हाथ उठाकर किया अभिवादन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोकसभा चुनाव में सपा के पीडीए से चोट खाने के बाद बसपा ने मुस्लिम वोट बैंक को अपने पाले में लाने की मुहिम तेज कर दी है। बसपा संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर बृहस्पतिवार को राजधानी में हुई रैली में पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अल्पसंख्यकों खासकर मुस्लिमों का विकास न होने व जानमाल का खतरा होने की बात कहकर उन्हें पार्टी से जोड़ने का प्रयास किया।
साथ ही जातिवादी दलों पर संविधान को बदलकर पुरानी जातिवादी व्यवस्था लागू करने का आरोप लगाते हुए दलित समाज को आगाह किया। मायावती ने सीएम योगी आदित्यनाथ की सराहना कर नई सियासी बहस को जन्म दिया तो दलित महापुरुषों की उपेक्षा करने पर सपा को जमकर घेरा।
पूरे संबोधन में उन्होंने भाजपा के किसी भी वरिष्ठ नेता पर सीधे हमला नहीं बोला। संविधान पर खतरे का सामना केवल बसपा द्वारा ही किए जाने की बात कहकर दलित वोटबैंक को संदेश दिया कि उनके अधिकार बसपा ही दिला सकती है। ये भी याद दिलाया कि जातिवादी पार्टियों से गठबंधन करने पर सवर्णों का वोट बसपा को नहीं मिलता है।
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साथ ही जातिवादी दलों पर संविधान को बदलकर पुरानी जातिवादी व्यवस्था लागू करने का आरोप लगाते हुए दलित समाज को आगाह किया। मायावती ने सीएम योगी आदित्यनाथ की सराहना कर नई सियासी बहस को जन्म दिया तो दलित महापुरुषों की उपेक्षा करने पर सपा को जमकर घेरा।
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पूरे संबोधन में उन्होंने भाजपा के किसी भी वरिष्ठ नेता पर सीधे हमला नहीं बोला। संविधान पर खतरे का सामना केवल बसपा द्वारा ही किए जाने की बात कहकर दलित वोटबैंक को संदेश दिया कि उनके अधिकार बसपा ही दिला सकती है। ये भी याद दिलाया कि जातिवादी पार्टियों से गठबंधन करने पर सवर्णों का वोट बसपा को नहीं मिलता है।
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आकाश का देना है साथ
बसपा सुप्रीमो ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को पहले बोलने का मौका देकर पार्टी के भविष्य की तस्वीर भी साफ कर दी। उन्होंने कहा कि आकाश अब पार्टी के मूवमेंट से पूरी तरह जुड़ चुके हैं। पूरी लगन और मेहनत से काम कर रहे हैं। जिस तरह आपने कांशीराम के बाद मेरा साथ दिया, उसी तरह आकाश का भी देना है।
बसपा सुप्रीमो ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को पहले बोलने का मौका देकर पार्टी के भविष्य की तस्वीर भी साफ कर दी। उन्होंने कहा कि आकाश अब पार्टी के मूवमेंट से पूरी तरह जुड़ चुके हैं। पूरी लगन और मेहनत से काम कर रहे हैं। जिस तरह आपने कांशीराम के बाद मेरा साथ दिया, उसी तरह आकाश का भी देना है।
15 साल का वनवास खत्म करने का आह्वान
बसपा ने वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में बहुमत की सरकार बनाकर अपना 15 साल का वनवास खत्म करने के लिए रैली के जरिये तगड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। करीब तीन लाख लोगों की क्षमता वाला कांशीराम स्मारक स्थल खचाखच भरा रहा तो बाहर भी इतनी ही भीड़ दिखाई दी।
बसपा ने वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में बहुमत की सरकार बनाकर अपना 15 साल का वनवास खत्म करने के लिए रैली के जरिये तगड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। करीब तीन लाख लोगों की क्षमता वाला कांशीराम स्मारक स्थल खचाखच भरा रहा तो बाहर भी इतनी ही भीड़ दिखाई दी।
आजम खां से मुलाकात की अटकल को अफवाह बताया
बसपा संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित रैली में मायावती ने सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां के बसपा में शामिल होने की अफवाहों पर भी विराम लगा दिया। मायावती ने कहा कि मैं किसी से छिपकर नहीं, खुलेआम मिलती हूं। दूसरे दलों के नेता ऐसी अफवाहें फैला रहे हैं।
बसपा संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित रैली में मायावती ने सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां के बसपा में शामिल होने की अफवाहों पर भी विराम लगा दिया। मायावती ने कहा कि मैं किसी से छिपकर नहीं, खुलेआम मिलती हूं। दूसरे दलों के नेता ऐसी अफवाहें फैला रहे हैं।
ऐसा 2017 में भी हुआ था, लेकिन पार्टी के लोग गुमराह नहीं हुए थे। बसपा प्रमुख ने ईवीएम में धांधली का आरोप भी लगाया। कहा कि बसपा को रोकने के लिए विपक्षी दलों ने अपने वोट ट्रांसफर किए। ईवीएम में धांधली की। यह सिस्टम आगे खत्म हो सकता है।
वहीं आजाद समाज पार्टी का नाम लिए बिना इशारे में कहा कि दलित वोट बैंक को बांटने के लिए स्वार्थी व बिकाऊ लोगों की पार्टी व संगठन बनाकर अपने फायदे के लिए प्रत्याशी खड़े किए जा रहे हैं। एकाध को जितवा भी देते हैं।
दोस्ती या रिश्ते में पड़कर अपना वोट बर्बाद नहीं करना है। वहीं पहलगाम की घटना पर कहा कि पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध कर इसे रोका जा सकता है। अमेरिकी टैरिफ को लेकर भी केंद्र सरकार को सतर्क रहना होगा। देश को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद हवा-हवाई नहीं होनी चाहिए।