{"_id":"5f40b7808ebc3e3d194613ba","slug":"mayawati-demanded-discussion-in-assembly-session","type":"story","status":"publish","title_hn":"सदन में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर चर्चा करें विधायक : मायावती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सदन में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर चर्चा करें विधायक : मायावती
Sat, 22 Aug 2020 11:43 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sat, 22 Aug 2020 11:43 AM IST
सार
- कानून-व्यवस्था और कोरोना के मुद्दे पर सपा-बसपा का परिषद से बहिर्गमन
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने विधायकों से अपील की है कि वे सदन में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनहित के मुद्दों पर चर्चा करें। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदेश में महिला उत्पीड़न तथा दलितों, मुस्लिमों व ब्राह्मण समाज की द्वेष की भावना से हत्या व अत्याचार हो रहा है।
बसपा अध्यक्ष ने लगातार दो ट्वीट कर कहा है कि सत्ता पक्ष व विपक्ष के विधायकों को विधानसभा सत्र के दौरान दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनहित के मुद्दों पर प्रभावी ढंग से चर्चा करनी चाहिए। तभी शासन व प्रशासन को जिम्मेदार व जवाबदेह बनाया जा सकता है। व्यापक जनहित में यह जरूरी है।
मायावती ने कहा है कि विकास का मुद्दा सरकार के एजेंडे से काफी हद तक गायब है। महिला उत्पीड़न के साथ दलितों, मुस्लिमों व ब्राह्मण समाज की द्वेष की भावना से हत्या व अत्याचार हो रहा है। ऐसे में बिगड़ी कानून-व्यवस्था को लेकर जरूर आवाज उठाएं, समय की यह मांग है।
विज्ञापन
कानून-व्यवस्था और कोरोना के मुद्दे पर विधान परिषद में शुक्रवार को विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया था। उन्होंने कहा कि सरकार इन दोनों ही मामलों में विफल साबित हुई है। सपा और बसपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया। सपा के सदस्यों ने वेल में आकर नारेबाजी भी की।
विज्ञापन
बसपा अध्यक्ष ने लगातार दो ट्वीट कर कहा है कि सत्ता पक्ष व विपक्ष के विधायकों को विधानसभा सत्र के दौरान दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनहित के मुद्दों पर प्रभावी ढंग से चर्चा करनी चाहिए। तभी शासन व प्रशासन को जिम्मेदार व जवाबदेह बनाया जा सकता है। व्यापक जनहित में यह जरूरी है।
विज्ञापन
मायावती ने कहा है कि विकास का मुद्दा सरकार के एजेंडे से काफी हद तक गायब है। महिला उत्पीड़न के साथ दलितों, मुस्लिमों व ब्राह्मण समाज की द्वेष की भावना से हत्या व अत्याचार हो रहा है। ऐसे में बिगड़ी कानून-व्यवस्था को लेकर जरूर आवाज उठाएं, समय की यह मांग है।
विज्ञापन
कानून-व्यवस्था और कोरोना के मुद्दे पर विधान परिषद में शुक्रवार को विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया था। उन्होंने कहा कि सरकार इन दोनों ही मामलों में विफल साबित हुई है। सपा और बसपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया। सपा के सदस्यों ने वेल में आकर नारेबाजी भी की।