फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Mayawati comments on Supreme Court decision on Madarsa Shiksha Board.

Mayawati: मायावती ने मदरसा शिक्षा बोर्ड के फैसले का किया स्वागत, कहा- इस पर सही से अमल करना जरूरी

Tue, 05 Nov 2024 02:42 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 05 Nov 2024 02:42 PM IST
सार

बसपा सुप्रीमो मायावती ने मदरसा शिक्षा बोर्ड पर सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले का स्वागत किया है और कहा कि इस पर सही से अमल जरूरी है।

विज्ञापन
Mayawati comments on Supreme Court decision on Madarsa Shiksha Board.
बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala

विस्तार

बसपा सुप्रीमो मायावती ने मदरसा शिक्षा बोर्ड पर सुप्रीम कोर्ट के दिए गए निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला स्वागतयोग्य है। उन्होंने उम्मीद जताई की इस निर्णय से अब मदरसा शिक्षा को लेकर उपजे विवाद व हजारों मदरसों की अनिश्चितता समाप्त हो जाएगी।

विज्ञापन


सोशल साइट एक्स पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा आज एक अहम फैसले में यूपी मदरसा शिक्षा बोर्ड कानून-2004 को वैध व संवैधानिक करार दिए जाने के फैसले का स्वागत है। इससे यूपी में मदरसा शिक्षा को लेकर उपजे विवाद व हजारों मदरसों की अनिश्चितता अब निश्चय ही समाप्त होने की संभावना है। इस पर सही से अमल जरूरी है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - महाकुंभ 2025: संतों की मांग, गैर सनातनियों के आने पर लगे रोक; मौनी महाराज बोले- सरकार पूरी तरह लगाए प्रतिबंध
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - दिवाली के बाद खतरनाक हुई राजधानी की हवा, 433 पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक, बढ़ा रात का तापमान


उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब खासकर यूपी के मदरसों को मान्यता मिलने और उनके सुचारू संचालन में स्थायित्व आने की संभावना है। अदालत ने कहा कि मदरसा एक्ट के प्रावधान संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप हैं और ये धार्मिक अल्पसंख्यकों के शैक्षिक अधिकारों की सुरक्षा करते हैं।

साथ ही, सुप्रीम कोर्ट की 9-जजों की बेंच द्वारा हर निजी सम्पत्ति को संविधान के अनुच्छेद 39(बी) के तहत सामुदायिक सम्पत्ति का हिस्सा नहीं मानना व इसका अधिग्रहण करने से रोकने के फैसले का भी स्वागत योग्य है। अब तक सरकार के पास आम भलाई हेतु सभी निजी सम्पत्तियों को अधिगृहित करने का अधिकार था।

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने 'उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम 2004' की संवैधानिक वैधता बरकरार रखी है। कोर्ट ने कहा कि यह धर्मनिरपक्षेता के सिद्धांत का उल्लंघन नहीं करता। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यह व्यवस्था देकर गलती की कि मूल ढांचे यानी धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन करने के कारण उत्तर प्रदेश मदरसा कानून को खारिज करना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed