मोदी पर खुलकर हमलावर हुईं मायावती, किए तीखे हमले
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बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर है। भाजपा के समर्थ व संपन्न लोग भी रसोई गैस सब्सिडी छोड़ने की प्रधानमंत्री की अपील मानने को तैयार नहीं हैं।
भाजपा की गलत नीतियों व हवा-हवाई कार्यक्रमों से देश के लोगों का भला होने वाला नहीं है। उन्होंने सरकार की असलियत को उजागर करते हुए जनता को जागृत करने पर जोर दिया।
मायावती ने बृहस्पतिवार को बसपा कार्यालय में पश्चिमी बंगाल और गुजरात के पार्टी पदाधिकारियों व प्रमुख नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की रसोई गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील पर स्वयं भाजपा के सामर्थ्यवान व संपन्न लोग ध्यान देने को तैयार नहीं लगते हैं।
कुछ बड़े-बड़े उद्योगपतियों की सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलेंडर नहीं लेने की खबरें जरूर छपी है। पहली नजर में ही यह अपराध जान पड़ता है कि बड़े-बड़े धन्नासेठ सब्सिडी वाली रसोई गैस अब तक क्यों लेतेे चले आ रहे थे ?
क्या वे मोदी की सरकार बनने और उनकी अपील का इंतजार कर थे। उन्होंने कहा कि रियायती एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति को बैंक खाते से जोड़कर उसकी उपलब्धता को सीमित कर दिया गया है। इससे शहरों में रहने वाले निम्न व मध्यम आय वाले परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
24 घंटे बिजली के बिना डिजिटल पहल बेअसर
मायावती ने एक जुलाई को शुरू किए गए ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को पहली नजर में बेअसर बताया। कहा कि बिजली की उपलब्धता न होने के कारण लोग इस कार्यक्रम को भी देख ही नहीं पाएष इस अभियान से पहले नरेन्द्र मोदी सरकार को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का अपना चुनावी वादा पूरा करना चाहिए।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि दोनों राज्यों में पार्टी संगठन, राजनीतिक गतिविधियों और सर्वसमाज में जनाधार बढ़ाने के कामों की समीक्षा की।
उन्हें इन राज्यों की सरकारों के कार्यकलापों, खासकर वहां रहने वाले गरीबों, मजदूरों, किसानों, दलितों, पिछड़ों व धार्मिक अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के खिलाफ होने वाले जुल्म-ज्यादतियों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई। बसपा अध्यक्ष ने इन सरकारों के खिलाफ पार्टी की मुहिम जारी रखने का निर्देश दिया।
गुजरात के दलित, आदिवासी बहुत पिछड़े
बीएसपी की गुजरात यूनिट के ओहदेदारों ने बताया कि उनके राज्य में दलितों व आदिवासियों के इलाके बहुत ज्यादा पिछड़े हुए हैं। इनके साथ ही मुस्लिम समाज के लोगों के प्रति भी गुजरात की भाजपा सरकार का रवैया लगातार उपेक्षित, तिरस्कार और भेदभाव वाला है। भाजपा सरकार उद्योगपतियों व धन्नासेठों का हित साधने में लगी है।
पश्चिमी बंगाल के पार्टी प्रभारियों ने कहा कि वहां सरकार जरूर बदली है, लेकिन गरीब व आम लोगों जीवन में बुनियादी सुधार नहीं आया राजनीतिक टकराव की घटनाओं में भी वृद्धि चिंता का एक बड़ा कारण है। बीएसपी प्रमुख ने कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी को कैडर के आधार पर तैयार किया जाए।